Sawan 2024: सावन की पहली सोमवारी आज, श्री काशी विश्वनाथ धाम में लगा भक्तों का तांता

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Sawan 2024: भगवान शिव को अति प्रिय सावन या श्रावण का महीना आज (22 जुलाई) से शुरू ​हो गया है. सावन हिंदू कैलेंडर में सबसे शुभ महीनों में से एक है. श्रावण मास का सोमवार बहुत महत्व रखता है. यह भगवान शिव का दिन माना जाता है. हिंदू धर्म के लोगों की आस्था है कि श्रावण महीने में सोमवार के दिन पूजा-अर्चना और जलाभिषेक करके प्रभु शिव को प्रसन्न किया जा सकता है और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है.

लाखों की संख्या में भक्त बाबा का ले रहे आशीर्वाद

सावन के पहले सोमवार को लाखों की संख्या में भक्त वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक करके बाबा का आशीर्वाद ले रहे हैं. सुबह से ही देश के कोने-कोने से पहुंचे शिवभक्त और कांवड़ियों पर काशी विश्वनाथ मंदिर के बाहर पुष्पवर्षा की गई. बाबा विश्वनाथ की मंगला आरती के साथ ही मंदिर का गेट आम भक्तों के दर्शन-पूजन और जलाभिषेक के लिए खोल दिए गए.

कैलाशी की कृपा पाने के लिए उमड़ा कांवरियों का हुजूम

आज बाबा की चल प्रतिमा का श्रृंगार दर्शन होगा. कैलाशी की कृपा पाने को कांवरियों का हुजूम उमड़ पड़ा. कैंट रेलवे स्टेशन से लेकर दशाश्वमेध घाट, हर जगह बोल बम का घोष करते कांवरियों की कतारें ही नजर आ रही हैं. शहर में जगह-जगह नाचते, डमरू बजाते कांवरियों की अल्लहड़ता दिखने लगी है. आज सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी है. इसी बीच, मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने काशी विश्वनाथ धाम पहुंच व्यवस्थाओं का लिया जायजा.

बोल बम के जयकारे के साथ लगाया गोता

गंगा में स्नान के समय बोलबम का घोष करते हुए कांवड़ियों के जयकारे सुनाई दे रहे हैं. सावन के प्रथम सोमवार पर बाबा विश्वनाथ का ब्रह्म मुहूर्त में दर्शन पाने की लालसा लिए कांवरियों ने रात्रि आठ बजे से ही ज्ञानवापी और गंगा द्वार के समक्ष कतार लगा ली थी. काशी विश्वनाथ मंदिर में सुबह से ही भक्तों के दर्शन-पूजन का क्रम चल गया है. बाबा का जलाभिषेक करने वालों में उन कांवरियों की संख्या अधिक है जो काशी से गंगाजल लेकर अन्य जिलों के प्रसिद्ध शिवालयों में चढ़ाने रवाना हो रहे. फूलों से महमह कर उठा विश्वनाथ धाम सावन को लेकर पूरी काशी शिवमय हो उठी है. सावन का समापन 19 अगस्त सोमवार को होगा. इस बीच पांच सोमवार पड़ेंगे.

हर सोमवार को बाबा का होगा अलग-अलग रूप में श्रृंगार

हर सोमवार काशी विश्वनाथ धाम में बाबा का अलग-अलग रूप में शृंगार किया जाएगा. अबकी बार बाबा की चल प्रतिमा का शिव रूप में शृंगार झांकी सजेगी. सायंकाल भोग शृंगार आरती के समय श्रद्धालुओं को बाबा के दिव्य रूप के दर्शन होंगे. दूसरे सोमवार 29 जुलाई को गौरी-शंकर शृंगार, तीसरे सोमवार पांच अगस्त को अर्धनारीश्वर शृंगार, चौथे सोमवार 12 अगस्त को रुद्राक्ष शृंगार, पांचवें व अंतिम सोमवार 19 अगस्त को शिव परिवार की झांकी संग सावन पूर्णिमा के मान-विधान अनुसार झूला शृंगार होगा.
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