खेत में रो रहा था नवजात, शरीर पर चल रही थीं चींटियां; महिलाओं ने ऐसे बचाई जान

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

जम्मू-कश्मीर के ऊधमपुर जिले में इंसानियत की मिसाल पेश करने वाली घटना सामने आई है. मजालता तहसील के मनवाल क्षेत्र के थलोड़ा गांव में खेतों के बीच एक नवजात शिशु लावारिस हालत में पड़ा मिला. बच्चे के शरीर पर चींटियां चल रही थीं और वह लगातार रो रहा था. शनिवार दोपहर गांव की कुछ महिलाएं मवेशियों के लिए चारा लेने खेतों की ओर जा रही थीं. तभी उन्हें खेतों की दिशा से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी. पहले तो महिलाएं हैरान रह गईं, लेकिन जब आवाज लगातार आती रही तो उन्होंने आसपास तलाश शुरू की.

खेत के बीच पड़ा मिला नवजात

तलाश के दौरान महिलाओं को खेत के बीचों-बीच एक नवजात शिशु पड़ा मिला. पास जाकर देखा तो उसके शरीर पर चींटियां चल रही थीं, जो उसके लिए खतरनाक साबित हो सकती थीं.

महिलाओं ने तुरंत बच्चे को उठाकर उसके शरीर से चींटियां हटाईं और उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाकर साफ कपड़े पहनाए. इसके बाद उन्होंने तुरंत मजालता पुलिस को घटना की सूचना दी.

पुलिस ने अस्पताल पहुंचाकर कराया इलाज

सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और नवजात को अपने संरक्षण में लेकर प्राथमिक उपचार के लिए मजालता अस्पताल पहुंचाया. अस्पताल में डॉक्टरों ने बच्चे की जांच की और बताया कि फिलहाल नवजात पूरी तरह सुरक्षित है. चिकित्सकों के अनुसार बच्चे का जन्म संभवतः एक या दो दिन पहले ही हुआ है.

इलाके में चर्चा का विषय बनी घटना

घटना के बाद मनवाल और मजालता क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते महिलाओं की नजर बच्चे पर न पड़ती तो उसकी जान खतरे में पड़ सकती थी. ग्रामीणों के अनुसार जिस स्थान पर बच्चा मिला है वहां बंदरों की संख्या भी काफी अधिक है, जिससे नवजात को गंभीर खतरा हो सकता था.

पुलिस जांच में जुटी, दोषियों की तलाश

ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि नवजात को खेत में छोड़ने वाले व्यक्ति का जल्द पता लगाया जाए और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. फिलहाल पुलिस आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ कर रही है और मामले की जांच जारी है.

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