Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसून की विदाई से पहले मौसम ने अचानक करवट ले ली है. बंगाल की खाड़ी में बने डीप डिप्रेशन और चक्रवाती सिस्टम के असर से कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी और आकाशीय बिजली का खतरा बढ़ गया है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 25, 26 और 27 सितंबर के दौरान ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड समेत 17 से ज्यादा राज्यों में मौसम खराब रहने की चेतावनी दी है. कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है.
ओडिशा और आंध्र प्रदेश में रेड अलर्ट
बंगाल की खाड़ी से बने इस चक्रवातीय सिस्टम का सबसे ज्यादा असर ओडिशा और उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश में देखने को मिल रहा है. मौसम विभाग ने दोनों राज्यों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. तटीय इलाकों में 46 से 56 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं, जबकि इनके झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं. लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है. वहीं नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ सकती है.
यूपी के 16 जिलों में भारी बारिश का खतरा
मानसून की विदाई से पहले उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी मौसम खराब रहने वाला है. पूर्वांचल और मध्य यूपी के 16 प्रमुख जिलों में तेज आंधी और भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. इनमें वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, गोरखपुर, देवरिया, बस्ती और सोनभद्र समेत कई जिले शामिल हैं. बिहार में भी 25 और 26 सितंबर को मौसम बिगड़ने का अनुमान है. कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है. भारी बारिश के कारण आम जनजीवन प्रभावित होने के साथ निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है.
उत्तराखंड में भारी बारिश के साथ भूस्खलन का खतरा
पहाड़ी राज्यों में भी मौसम को लेकर चिंता बढ़ गई है. उत्तराखंड के कई जिलों में 26 और 27 सितंबर को भारी से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. लगातार तेज बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है और कई जगहों पर सड़कें प्रभावित हो सकती हैं. दिल्ली-NCR में भी 25 सितंबर को आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है. वहीं 26 और 27 सितंबर को गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है.
पूर्वोत्तर से मध्य भारत तक बारिश का असर
बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम का असर मध्य और पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में भी दिखाई दे रहा है. छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में भारी बारिश की स्थिति को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. वहीं मध्य प्रदेश, असम, मेघालय और तटीय कर्नाटक में भी तेज बारिश और गरज-चमक को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है. इन इलाकों में अचानक तेज बारिश होने से स्थानीय स्तर पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है.
बारिश और आंधी के दौरान बरतें सावधानी
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर भारत के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा गुजर रही है. इसके बावजूद बंगाल की खाड़ी में बनी हलचल के कारण पूर्वी और मध्य भारत में बारिश का दौर बना हुआ है. तेज आंधी और बारिश के दौरान लोगों को खुले मैदानों में जाने से बचने की सलाह दी गई है. बिजली चमकने के समय पेड़ों, बिजली के खंभों और जर्जर मकानों से दूरी बनाए रखना जरूरी है. इसके अलावा नदियों और पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करने से भी बचने की सलाह दी गई है.
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