White Collar Jobs: अगर आप नई नौकरी की तलाश में हैं या बेहतर अवसर के लिए कंपनी बदलने की योजना बना रहे हैं, तो रोजगार बाजार से राहत देने वाली खबर सामने आई है. भारत में जून के दौरान व्हाइट-कॉलर भर्तियों में सालाना आधार पर 6 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. सबसे खास बात यह है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग से जुड़ी नौकरियों की मांग तेजी से बढ़ रही है, जहां सालाना आधार पर 25 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली है.
भर्तियों में यह तेजी केवल तकनीक से जुड़े क्षेत्रों तक सीमित नहीं रही. इंश्योरेंस, एफएमसीजी, टेलीकॉम, रियल एस्टेट, फार्मा और बीपीओ जैसे कई क्षेत्रों में भी नौकरियों के अवसर बढ़े हैं. वहीं फ्रेशर्स के लिए भी तस्वीर बेहतर हुई है. जून में नए उम्मीदवारों की भर्ती 8 प्रतिशत बढ़ी, जबकि अप्रैल-जून तिमाही में इसमें 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई. शहरों के स्तर पर भी रोजगार बाजार में दिलचस्प बदलाव देखने को मिला है.
कोलकाता, हैदराबाद, चेन्नई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में भर्तियां बढ़ीं, जबकि भुवनेश्वर और इंदौर जैसे उभरते शहरों ने भी मजबूत प्रदर्शन किया. ऐसे में आइए जानते हैं कि किन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा नौकरियां बढ़ीं, फ्रेशर्स के लिए कहां अवसर बने और किस शहर ने भर्ती के मामले में सबसे तेज बढ़त दर्ज की.
जून में व्हाइट-कॉलर भर्तियां 6 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ीं
जॉब साइट नौकरी की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में जून के दौरान व्हाइट-कॉलर भर्तियों में सालाना आधार पर 6 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई. रिपोर्ट में रोजगार बाजार के कई क्षेत्रों में सकारात्मक रुझान देखने को मिला है. नौकरी जॉबस्पीक इंडेक्स एक साल पहले के 2,854 से बढ़कर 3,027 पर पहुंच गया. इसके साथ ही वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 4 प्रतिशत की स्थिर वृद्धि दर्ज की गई. ये आंकड़े बताते हैं कि अलग-अलग क्षेत्रों में भर्ती गतिविधियां जारी रहीं.
AI और मशीन लर्निंग नौकरियों में 25 प्रतिशत की उछाल
रिपोर्ट में सबसे तेज बढ़ोतरी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग से जुड़ी नौकरियों में देखने को मिली. इस श्रेणी में जून के दौरान सालाना आधार पर 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. यह बढ़ोतरी ऐसे समय सामने आई है, जब कंपनियां तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने पर ध्यान दे रही हैं. खासतौर पर विशेषज्ञता वाले पदों और अनुभवी प्रतिभाओं की मांग बढ़ने की बात सामने आई है.
इंश्योरेंस सेक्टर में 16 प्रतिशत बढ़ीं भर्तियां
अलग-अलग क्षेत्रों की बात करें तो इंश्योरेंस सेक्टर में भर्ती की मजबूत रफ्तार जारी रही. इस क्षेत्र में सालाना आधार पर 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. इसके अलावा एफएमसीजी क्षेत्र में 7 प्रतिशत, टेलीकॉम में 6 प्रतिशत और रियल एस्टेट में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई. बीपीओ और आईटीईएस के साथ फार्मा या बायोटेक क्षेत्र में भी 4-4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई.
फ्रेशर्स के लिए भी बढ़े नौकरी के मौके
रिपोर्ट में नए उम्मीदवारों के लिए भी सकारात्मक संकेत मिले हैं. जून में फ्रेशर्स की भर्ती सालाना आधार पर 8 प्रतिशत बढ़ी. वहीं अप्रैल से जून की तिमाही के दौरान फ्रेशर्स की भर्ती में 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई. यह बढ़त उन युवाओं के लिए अहम है, जो पढ़ाई पूरी करने के बाद पहली नौकरी की तलाश कर रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, केवल फ्रेशर्स ही नहीं बल्कि अलग-अलग अनुभव स्तर वाले उम्मीदवारों की भर्तियों में भी वृद्धि हुई.
अनुभवी पेशेवरों की मांग में भी तेजी
जून में 4 से 7 साल का अनुभव रखने वाले लोगों की भर्ती में सालाना आधार पर 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई. वहीं 8 से 12 साल के अनुभव वाले उम्मीदवारों की भर्ती 7 प्रतिशत बढ़ी. 13 से 16 साल का अनुभव रखने वाले पेशेवरों की भर्ती में 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि 16 साल से अधिक अनुभव वाले उम्मीदवारों की भर्ती 9 प्रतिशत बढ़ी. इस तरह अलग-अलग अनुभव श्रेणियों में रोजगार के अवसर बढ़ते दिखाई दिए.
कोलकाता से बेंगलुरु तक बढ़ीं भर्तियां
शहरों के स्तर पर भी भर्ती गतिविधियों में तेजी दर्ज की गई. कई बड़े शहरों और उभरते बाजारों ने राष्ट्रीय रुझान से बेहतर प्रदर्शन किया. कोलकाता में भर्तियों में 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई. हैदराबाद में यह बढ़ोतरी 11 प्रतिशत, चेन्नई में 10 प्रतिशत और बेंगलुरु में 7 प्रतिशत रही. इन आंकड़ों से बड़े रोजगार बाजारों में भर्ती की बढ़ती गतिविधियों का पता चलता है.
भुवनेश्वर में 21 प्रतिशत का जबरदस्त उछाल
उभरते शहरों में भुवनेश्वर ने सबसे मजबूत प्रदर्शन किया. यहां भर्तियों में 21 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. यह बढ़ोतरी बड़े महानगरों की तुलना में भी काफी अधिक रही. इसके अलावा इंदौर में भर्तियां करीब 15 प्रतिशत बढ़ीं, जबकि कोयंबटूर में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली. इससे संकेत मिलता है कि रोजगार के अवसर केवल बड़े महानगरों तक सीमित नहीं रहे.
मीडिया और एंटरटेनमेंट में 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी
अलग-अलग क्षेत्रों में मीडिया प्रोडक्शन और एंटरटेनमेंट ने मजबूत प्रदर्शन किया. इस क्षेत्र में भर्तियों में 24 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. इसके बाद हेल्थकेयर और लाइफ साइंसेज में 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई. वहीं आईटी और इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी से जुड़े क्षेत्रों में 18 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई.
AI को लेकर क्या बोले हितेश ओबेरॉय?
इन्फो एज (इंडिया) लिमिटेड के एमडी और सीईओ हितेश ओबेरॉय ने कहा, “भले ही आईटी में हायरिंग धीमी हुई है, लेकिन इस सेक्टर में एआई के लिए हायरिंग जून में सालाना आधार पर 16 प्रतिशत बढ़ी है. यह अंतर इसलिए अहम है क्योंकि इससे पता चलता है कि टेक कंपनियां अभी भी कहां निवेश कर रही हैं. एआई तेजी से एक मुख्य क्षमता वाला क्षेत्र बनता जा रहा है, खासकर तब जब ज्यादा सीनियर और स्पेशलाइज्ड टैलेंट की मांग बढ़ रही है.” उनके बयान के मुताबिक, आईटी क्षेत्र में कुल भर्ती की रफ्तार धीमी होने के बावजूद एआई से जुड़े पदों की मांग बढ़ी है. इससे तकनीकी कंपनियों के निवेश की दिशा को लेकर महत्वपूर्ण संकेत मिलते हैं.
दक्षिणी बाजारों में GCC भर्तियों का बेहतर प्रदर्शन
पूरे देश में जीसीसी भर्तियां स्थिर रहीं, लेकिन दक्षिण भारत के बाजारों ने बेहतर प्रदर्शन किया. चेन्नई में जीसीसी भर्ती में 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई. वहीं हैदराबाद में यह वृद्धि 15 प्रतिशत रही. इससे दक्षिणी शहरों में जीसीसी से जुड़े रोजगार अवसरों की मजबूत स्थिति सामने आई. पिछले साल ज्यादातर समय दबाव में रहने के बाद जून में टेलीकॉम क्षेत्र की भर्ती में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला.
इस सेक्टर में सालाना आधार पर 6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. इस सुधार की मुख्य वजह फ्रेशर्स की भर्ती में तेज बढ़ोतरी रही. टेलीकॉम क्षेत्र में नए उम्मीदवारों की भर्ती सालाना आधार पर 25 प्रतिशत बढ़ी, जिससे इस सेक्टर की कुल भर्ती गतिविधियों को मजबूती मिली.
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