RBI Inflation: महंगाई को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की चिंता एक बार फिर बढ़ गई है. केंद्रीय बैंक ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई का अनुमान 5.2 प्रतिशत रखा है. RBI...
RBI GDP Growth: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की वास्तविक GDP ग्रोथ का अनुमान 7.1% पर बरकरार रखा है. वैश्विक स्तर पर जारी आर्थिक अनिश्चितताओं और महंगाई के बढ़ते जोखिमों के बीच...
Food Inflation: त्योहारी सीजन में खरीदारी की तैयारी कर रहे आम लोगों के लिए महंगाई को लेकर एक और चिंता सामने आई है. ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Citi Research की ताजा रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि इस साल...
Retail Inflation: अगस्त 2026 में भारत की खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.82 प्रतिशत हो गई. खाद्य महंगाई 5.95 प्रतिशत रही, जबकि चांदी के आभूषणों की कीमतों में 107.11 प्रतिशत और सोने के आभूषणों में 35.55 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई.
भारत की अर्थव्यवस्था को विदेशी निवेशकों की वापसी, मानसून में सुधार और घरेलू विकास से मजबूती मिली है. हालांकि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई बाजार के लिए चुनौती बने हुए हैं.
July Retail Inflation 2026: भारत की खुदरा महंगाई दर जुलाई में बढ़कर 4.45% हो गई, जबकि जून में यह 4.38% थी. खाने-पीने की चीजों, रेस्टोरेंट और अन्य खर्चों में बढ़ोतरी का असर महंगाई के आंकड़ों पर पड़ा.
SBI Research की रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की GDP Growth 7% तक पहुंच सकती है. रिपोर्ट में महंगाई, मानसून, एल नीनो और खरीफ फसलों को लेकर भी अहम अनुमान जताए गए हैं.
अल नीनो की बढ़ती संभावना और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच महंगाई को लेकर नई चिंता सामने आई है. बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट में आने वाले महीनों में खाद्य और ईंधन महंगाई बढ़ने का जोखिम जताया गया है.
पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और सोना-चांदी पर बढ़े आयात शुल्क के बाद महंगाई को लेकर चिंता बढ़ गई है. अर्थशास्त्रियों का मानना है कि आने वाले समय में आम लोगों पर इसका असर बढ़ सकता है.
मार्च 2026 में खुदरा महंगाई दर 3.4 प्रतिशत दर्ज की गई. खाद्य कीमतों में बढ़ोतरी और कुछ वस्तुओं में गिरावट के बीच महंगाई का मिला-जुला असर देखने को मिला.