परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने गोवर्धन लीला का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने सात कोस का पहाड़ उठाकर बृजवासियों की रक्षा की. उन्होंने कहा कि जब भक्त कहता है ‘कन्हैया मेरा है, कन्हैया मेरे प्राण हैं’, तो ईश्वर ऐसी बातें सुनकर बड़े प्रसन्न होते हैं.