भारत को वैश्विक व्यापार और लॉजिस्टिक्स का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए आधुनिक बंदरगाह, बेहतर सड़क-रेल नेटवर्क, IMEC कॉरिडोर और डीप-टेक स्टार्टअप्स पर जोर दिया जा रहा है. पिछले छह महीनों में निर्यात में करीब 20% वृद्धि की बात कही गई है.
India Export: इंडिया एग्जिम बैंक के अनुमान के मुताबिक वित्त वर्ष 2026-27 की जुलाई-सितंबर तिमाही में भारत का वस्तु निर्यात 17.6% बढ़कर 131.2 अरब डॉलर रह सकता है. गैर-तेल निर्यात में भी 20.3% वृद्धि का अनुमान है.
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने 863 अरब डॉलर का रिकॉर्ड एक्सपोर्ट किया, जिसमें 110 अरब डॉलर की हिस्सेदारी के साथ गुजरात देश का सबसे बड़ा एक्सपोर्ट करने वाला राज्य बन गया. मजबूत औद्योगिक नीतियों, आधुनिक पोर्ट, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और सेमीकंडक्टर जैसे नए सेक्टर्स में निवेश ने गुजरात को एक्सपोर्ट का नया पावरहाउस बना दिया है.
India Export News: जून 2026 में भारत का वस्तु निर्यात 15.5% बढ़कर 40.41 अरब डॉलर पहुंच गया. हालांकि कच्चे तेल और कीमती धातुओं के महंगे होने से आयात बढ़ा और व्यापार घाटा 30.43 अरब डॉलर पर पहुंच गया.
वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत का कुल निर्यात 11.37 प्रतिशत बढ़कर 232.73 अरब डॉलर पहुंच गया. वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार वस्तु और सेवा दोनों क्षेत्रों में निर्यात में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई.
वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत के निर्यात में 4.22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है और कुल आंकड़ा 860 अरब डॉलर के पार पहुंच गया है. सेवा क्षेत्र ने सबसे ज्यादा योगदान दिया है, जबकि कई देशों में भारतीय उत्पादों की मांग बढ़ी है.
फरवरी 2026 में भारत का कुल निर्यात (वस्तु और सेवा) सालाना आधार पर 11.05 प्रतिशत बढ़कर 76.13 अरब डॉलर हो गया. सेवाओं के निर्यात में तेज वृद्धि इसका प्रमुख कारण रही.
वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, वैश्विक बाजारों में आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद, भारत का माल और सेवा निर्यात वित्त वर्ष 2025 में रिकॉर्ड 820 बिलियन डॉलर को पार कर गया है, जो पिछले वित्त वर्ष के 778...
भारत के ऑटो कंपोनेंट्स और मेडिकल एवं वैज्ञानिक उपकरणों के निर्यात में पिछले 3 वर्षों में जबरदस्त वृद्धि देखने को मिली है. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, FY23-24 में ऑटो पार्ट्स का निर्यात बढ़कर $7.7 अरब हो गया, जो कि...