भारत की अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही में 8.2% की मजबूत वृद्धि दर्ज की. द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्र में मजबूत प्रदर्शन, निजी और सरकारी अंतिम उपभोग व्यय, निर्यात और आयात में बदलाव ने कुल विकास दर को प्रभावित किया.
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और कमजोर रुपए के चलते भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली. सेंसेक्स 850 अंक टूटा और निफ्टी भी लाल निशान में बंद हुआ.