भारत ने स्मार्टफोन निर्यात में चीन को पीछे छोड़ते हुए अमेरिका में अपनी हिस्सेदारी 44% तक बढ़ा ली है. मेक इन इंडिया और PLI योजनाओं ने इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र को नई गति दी है.
बढ़ती घरेलू मांग, बेहतर कीमतों और निर्यात में वृद्धि से भारत के मखाना बाजार को रफ्तार मिल रही है. सरकारी फैक्टशीट के मुताबिक 2029-30 तक बाजार 12 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है.