Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, प्रत्येक वस्तु परमात्मा को अर्पित करो और फिर उसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करो। "प्रसादस्तु प्रसन्नता "प्रसाद का फल प्रसन्नता है। हर वस्तु या परिस्थिति हमारे लिए सुखद नहीं हो सकती...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, शान्ति ज्ञानी या विद्वान बनने से नहीं, भक्ति में सराबोर होने से मिलती है। सत्य का त्याग करने वालों को शान्ति कहां से मिलेगी? शान्ति तो सच्चाई के मार्ग...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, मन को ईश्वर की भक्ति में मजबूत बनाने वाली एकमात्र औषध मंत्रजप है। मन पर झूठा विश्वास करने वाला ही फंस जाता है। मन जब अति शुद्ध होता है,...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, श्रीरामेश्वर महादेव की स्थापना, श्री राम सेतु का निर्माण, श्री राम सेना का लंका पहुंचना, श्री राम रावण युद्ध, लंका विजय करके प्रभु श्री राम का अयोध्या पहुंचना एवं...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, जिस तरह शरीर को वस्त्र ढँकते हैं और सूर्य को बादल, उसी तरह संसार के सुखों की कामना का आवरण परमात्मा को ढँक देता है। संसार में सर्वत्र विराजमान...