Saudi Arab : होली का त्योहार आने वाला है. बता दें कि होली भारत का सबसे खास त्योहार है. जो रंगों, हंसी-मजाक और आपसी मेल-मिलाप का प्रतीक माना जाता है. इस त्योहार पर लोग पुराने गिले-शिकवे भूलकर एक दूसरे को रंग लगाते हैं और खुलकर जश्न मनाते हैं. लेकिन इस त्योहार को लेकर कुछ देशों में हालात भारत से बहुत अलग है. विशेष रूप से उन जगहों पर जहां धार्मिक कानून बहुत सख्त है. इस त्योहार को सार्वजनिक रूप से मनाना आसान नहीं होता है.
बता दें कि इन्हीं देशों में से एक सऊदी अरब का नाम भी अक्सर सामने आता है, यहां के कानून इस्लामी नियमों के आधार पर बने हैं और सार्वजनिक जीवन में धार्मिक अनुशासन को बहुत महत्व दिया जाता है. प्राप्त जानकारी के अनुसार होली जैसे त्योहार को यहां खुलेआम मनाने की इजाजत नहीं है. ऐसे तमें काफी लोगों को यह बात नहीं पता होती लेकिन अगर कोई यहां सड़क पर रंग खेलते हैं या सार्वजनिक रूप से त्योहार मानता दिख जाए तो उसे जेल भी हो सकती है.
गैर इस्लामी धार्मिक आयोजन की नहीं अनुमति
जानकारी के मुताबिक, सऊदी अरब में सार्वजनिक रूप से किसी भी गैर इस्लामी धार्मिक आयोजन की अनुमति नहीं है. ऐसे में गैर मुस्लिम समुदाय अपने धार्मिक कार्यक्रम निजी जगह या एंबेसी जैसे सीमित परिसरों में ही मना सकते हैं. माना जाता है कि खुले में रंग फेंकना, जुलूस निकालना या धार्मिक प्रतीकों का प्रदर्शन करना कानून के दायरे में आता है. यहां सार्वजनिक व्यवस्था, धार्मिक मूल्य और सामाजिक मर्यादाओं को लेकर सख्त नियम है. इस दौरान किसी भी प्रकार से शांति को भंग करना अपराध माना जा सकता है. इसी वजह से होली जैसे रंगों वाले त्योहार को खुले आम मनाने की यहां पर छूट नहीं है.
सार्वजनिक स्थान पर होली खेलने पर गिरफ्तारी
इस दौरान यइि कोई व्यक्ति सार्वजनिक रूप से सऊदी अरब में रंग खेलते या धार्मिक उत्सव मनाते हुए पकड़ा जाता है तो उसे हिरासत में लिया जा सकता है. यहां पर कानून भी बहुत सख्त होते हैं ऐसे में मामले की गंभीरता के आधार पर जुर्माना या जेल भी हो सकते हैं. इसके साथ ही विदेशी नागरिकों के मामले में डिपोर्ट यानी देश से बाहर भेजे जाने की कार्रवाई भी हो सकती है. इतना ही नही बल्कि सऊदी अरब में सोशल मीडिया पोस्ट तक पर कड़ी नजर रखी जाती है. ऐसे में त्योहार से जुड़ी कोई एक्टिविटी अगर नियमों के खिलाफ मानी जाती है तो यहां कानूनी कार्रवाई होती है.
सऊदी अरब का कानून
इसके साथ ही सऊदी अरब की कानूनी व्यवस्था सरिया लॉ के हिसाब से चलती है. बता दें कि यहां किसी प्रकार से गैर मुस्लिम धर्म का सार्वजनिक प्रचार या प्रदर्शन मान्य नहीं है. सार्वजनिक जगह पर सादगी से कपड़े पहनने से लेकर निजी व्यवहार तक के लिए स्पष्ट नियम बने हुए है. शराब, नशे और कई दूसरे सामाजिक मामलों में भी यहां कानून बहुत कड़े माने जाते हैं.
इसे भी पढ़ें :- ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की हुई मौत, सरकार ने की 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा

