इलेक्ट्रिक स्कूटर की दुनिया में बड़ी क्रांति, जल्द ही बिना ड्राइवर चलेगी बाइक; देखिए वीडियो

Abhinav Tripathi
Sub Editor, The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Ola Solo Scooters: इलेक्ट्रिक स्कूटर की दुनिया में एक बड़ी क्रांति आने वाली है. अगर सब कुछ ठीक रहा तो अब बिना ड्राइवर के इलेक्ट्रिक स्कूटर चलेंगे. ऐसा हम नहीं कह रहे हैं बल्कि ओला के सीईओ भाविश अग्रवाल ने दावा किया है. उन्होंने मंगलवार को एक सेल्फ ड्राइवेन इलेक्ट्रिक स्कूटर का वीडियो शेयर किया है, जिसको लोग देखकर हैरान हैं.

दरअसल, इंडिया का पहला स्वायत्त इलेक्ट्रिक स्कूटर कहे जाने वाले ओला ने ओला सोलो की घोषणा की. पहले तो लोगों को इस वीडियो को देखकर हैरानी हुई हालांकि, बाद में इसके बारे में जब जानकारी दी गई तो पुष्टी हो सकी.

क्या बोले ओला के सीईओ

आपको बता दें कि इस ओला सोलो के वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा, “सिर्फ एक अप्रैल फूल जोक नहीं! हमने कल ओला सोलो की घोषणा की. यह वायरल हो गया और कई लोगों ने इस पर बहस की कि क्या यह असली है या अप्रैल फूल का मजाक है! जबकि वीडियो का उद्देश्य लोगों को हंसाना था, इसके पीछे की तकनीक कुछ ऐसी है जिस पर हम काम कर रहे हैं और प्रोटोटाइप बनाया है. यह दिखाता है कि हमारी इंजीनियरिंग टीमें किस तरह का अग्रणी काम करने में सक्षम हैं.”

उन्होंने आगे कहा कि ओला सोलो गतिशीलता के भविष्य की एक झलक है और हमारी इंजीनियरिंग टीमें दोपहिया वाहनों में स्वायत्त और स्व-संतुलन तकनीक पर काम कर रही हैं, जिसे आप हमारे भविष्य के उत्पादों में देखेंगे.

शेयर किए गए वीडियो को खबर लिखे जाने तक 7 लाख 40 से अधिक बार देखा गया है. वहीं, इस वीडियो को लाखों लोगों ने लाइक भी किया है. इस वीडियो पर एक यूजर ने कमेंट किया और लिखा, “अगर यह हकीकत बन गया तो OLA भारतीय बाजार में अछूत हो जाएगी.” वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा, “सबसे पहले मौजूदा स्कूटर और कैब सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करें.”

यह भी पढ़ें: सोमनाथ संस्कृत विश्वविद्यालय के वार्षिकोत्सव में बोले स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी- “युवा ही देश के भविष्य हैं …”

Latest News

Mobile Manufacturing Scheme: ₹62,500 करोड़ की नई स्कीम को मंजूरी, भारत बनेगा मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल हब

केंद्रीय कैबिनेट ने ₹62,500 करोड़ की मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (MPMS) को मंजूरी दे दी है. यह योजना 2026-27 से 2030-31 तक लागू रहेगी और मोबाइल उत्पादन, निर्यात, घरेलू विनिर्माण तथा रोजगार सृजन को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगी.

More Articles Like This

Exit mobile version