जब क्रिकेट के भगवान ने कप्तानी से किया था मना, तब दादा ने बजवाया था Indian Team का डंका

Sourav Ganguly Birthday: सौरभ गांगुली का आज 51वां जन्मदिन है. ऐसे में आज देश विदेश के क्रिकेट के प्रेमी उनको अपनी शुभकामनाएं दे रहें हैं. गांगुली के बारे में कहा जाता है कि वो भारतीय क्रिकेट जगत के उस योद्धा के तौर पर जाने जाते हैं जिन्होंने क्रिकेट की तस्वीर को बदलने का काम किया था. दरअसल, वर्ष 2000 में जब टीम इंडिया मैच फिक्सिंग के आरोप में फंसी थी उस दौरान सौरभ गांगुली ही टीम के कप्तान थे. इतिहास गवाह रहा है, दादा दूर दृष्टि रखने वाले कप्तानों में से एक थे. वहीं दादा भारतीय क्रिकेट इतिहास के अडिग, समझदार और दमदार कप्तान रहे हैं. दादा ने ही भारतीय टीम को दादागिरी सिखाई थी.

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दादा और सचिन से जुड़ा एक खास वाकया

दरअसल, साल 2000 में जब भारतीय क्रिकेट में फिक्सिंग का खुलासा हुआ तो टीम का भविष्य अंधेरे में खोने की संभावना थी, उस दौरान दादा सचिन तेंदुलकर ने कप्तानी करने से माना कर दिया. तब सौरव गांगुली ने आगे बढ़कर टीम की कमान थामी दादा की कप्तानी में भारतीय क्रिकेट टीम का नया अध्याय शुरू हुआ. दादा की अगुआई में विरोधी टीमों को उनके घरों में मात देकर भारतीय टीम के नाम डंका बजाया. दादा ने भारतीय टीम को दादागिरी सिखाई, जिससे टीम बेखौफ होकर खेलने लगी जिसका कमाल आज भी दिखता है.

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जानिए ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर जब ड्रिंक किया था मना

आपको बता दें कि जब सौरव गांगुली 1991-92 में भारतीय क्रिकेट टीम के साथ ऑस्ट्रेलिया गए थे, तब उन्होंने वनडे क्रिकेट में डेब्यू किया था. लेकिन उन्हें टेस्ट प्रारूप में अपने अवसर के लिए इंतजार करना पड़ा और वह 1996 में इंग्लैंड के लॉर्ड्स में ही सफल हो सके. ऐसा माना जाता है कि 1991-92 के उस दौरे पर सौरव गांगुली ने ड्रिंक्स ले जाने से मना कर दिया था. कथित तौर पर अनुशासनात्मक मुद्दों के कारण उन्हें अंतिम एकादश से बाहर कर दिया गया था. विशेष रूप से, सौरव गांगुली ने लॉर्ड्स में पदार्पण पर शतक बनाया था.

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