UP Politics: SP कार्यालय के बाहर लगा PDA का पोस्टर, क्या NDA के सामने टिक पाएगा अखिलेश यादव का फॉर्म्युला?

UP Politics: लोकसभा चुनाव 2024 (Lok Sabha Election) को लेकर रातजनीतिक पार्टियां सक्रिय हो गई हैं. ऐसा कहा जाता है कि दिल्ली का रास्ता उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) से होकर जाता है. यही कारण है कि उत्तर प्रदेश में राजनीतिक हलचलें तेज है. बीजेपी (BJP) पहले ही अपने तरीके से प्रचार प्रसार में लगी है तो वहीं समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) ने भी जोर लगाना शुरू कर दिया है. इस बीच सपा द्वारा दिया गया नया स्लोगन काफी तेजी से वायरल हो रहा है.

यह भी पढ़ें- UP Politics: NDA में शामिल होंगे OP Rajbhar, जानिए कहां फंस रहा पेंच?

दरअसल, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने हाल ही में एक बयान देते हुए कहा था कि एनडीए को सपा का पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) ही हराएगा. वहीं इस बयान के बाद से इसके पोस्टर सपा के कार्यलाय के साथ साथ प्रदेश के विभिन्न इलाकों में लगना शुरू हो गए हैं. सपा के कार्यकर्ता इसको लेकर आगे बढ़ रहे हैं.

सपा ने जारी किया वीडियो

समाजवादी पार्टी ने पीडीए को लेकर एक वीडियो जारी किया है. इस वीडियो को एनिमेशन के तौर पर बनाया गया है. आप भी देखिए वीडियो

बीजेपी की तैयारी तेज

आगामी लोकसभा 2024 चुनाव को देखते हुए बीजेपी का सीटो का फॉर्मूला तय हो गया है. माना जा रहा है कि इसी फॉर्मूले के तहत 2024 के चुनाव के लिए होगा सीटो का बँटवारा होने की उम्मीद है. यूपी में 80 लोकसभा सीटों का फॉर्मूला तय कर लिया गया है.

जानकारी हो कि सहयोगी दल अपना दल एस को दो सीट देने पर सहमति बनी है. अनुप्रिया पटेल अपना दल एस के सिंबल पर चुनाव लड़ेंगी. बता दें कि अपना दल एस का दूसरा प्रत्याशी भाजपा के सिंबल पर लड़ेगा. चुनाव सहयोगी दल निषाद पार्टी को भी यूपी में मिलेगी एक सीट भाजपा के सिंबल पर ही लड़ेगा. निषाद पार्टी का प्रत्याशी ओम प्रकाश राजभर की पार्टी सुभासपा के लिए भी गठबंधन की स्तिथि में एक सीट रिज़र्व की गई सुभासपा का भी प्रत्याशी भाजपा के सिंबल पर ही लड़ेगा.

Latest News

पीएम मोदी ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को 1330 दोहों वाली कौन सी किताब गिफ्ट की? जानें इसका रूस से क्या है कनेक्शन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को प्रसिद्ध तमिल कृति ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी अनुवाद भेंट किया. 133 अध्यायों और 1,330 दोहों वाली इस रचना का संबंध भारत और रूस के पुराने साहित्यिक जुड़ाव से भी बताया जाता है.

More Articles Like This

Exit mobile version