उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मलिहाबाद स्थित कसमंडी कला इलाके में विवादित ऐतिहासिक ढांचे को लेकर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. मंगलवार को इस विवादित स्थल पर हिंदू संगठन के लोगों ने सुंदरकांड का पाठ करने का ऐलान किया. हिंदू संगठनों और पासी समाज द्वारा किए जा रहे दावों के बाद प्रशासन ने पूरे इलाके को हाई अलर्ट पर रखा है. हालात को देखते हुए विवादित स्थल पर सुंदरकांड, हनुमान चालीसा पाठ और आगामी बकरीद की नमाज पर रोक लगा दी गई है. इलाके में भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात की गई है. प्रशासन लगातार गश्त कर रहा है और सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रखी जा रही है ताकि किसी तरह की अफवाह या माहौल खराब करने की कोशिश को रोका जा सके.
क्या है पूरा विवाद?
पासी समाज और कुछ हिंदू संगठनों का दावा है कि कसमंडी कला में मौजूद मकबरा और मस्जिद वास्तव में राजा कंसा पासी के प्राचीन किले और मंदिर का हिस्सा है. समुदाय का कहना है कि यह ढांचा 11वीं सदी के नागवंशी शासक राजा कंसा पासी से जुड़ा हुआ है और इसकी दीवारों तथा संरचना में हिंदू परंपरा से जुड़े प्रतीक आज भी मौजूद हैं. पासी समाज ने अपने दावों के समर्थन में पुराने गजेटियर और ऐतिहासिक दस्तावेजों का भी हवाला दिया है.
सुंदरकांड और हनुमान चालीसा को लेकर बढ़ा तनाव
मंगलवार को पासी समाज और हिंदू संगठनों ने विवादित स्थल पर हनुमान चालीसा पाठ और सुंदरकांड करने का ऐलान किया था. इसकी सूचना मिलते ही प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया और इलाके में भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई. पुलिस ने किसी भी धार्मिक आयोजन की अनुमति नहीं दी और कई लोगों को मौके तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया. वहीं इस मामले में पुलिस ने पासी समाज और लाखन आर्मी से जुड़े कई लोगों को नोटिस भी जारी किया है. पुलिस का कहना है कि अगर किसी ने कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की तो सख्त कार्रवाई की जाएगी. कुछ नेताओं को एहतियातन नजरबंद भी किया गया है.
बकरीद की नमाज पर रोक
बढ़ते तनाव और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने विवादित परिसर में आगामी बकरीद की नमाज पर भी पूरी तरह रोक लगा दी है. उपजिलाधिकारी मलिहाबाद अंकित मौर्या ने कहा कि शांति व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है और किसी भी पक्ष को माहौल बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
पूरे इलाके में पुलिस का पहरा
फिलहाल कसमंडी और आसपास के इलाकों को छावनी में तब्दील कर दिया गया है. पुलिस इलाके में आने-जाने वाले लोगों से पूछताछ कर रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है. किसी भी व्यक्ति या संगठन को क्षेत्र की शांति और सौहार्द बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी. प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है.

