Kids Savings Account: आज के समय में बच्चे कम उम्र से ही मोबाइल, ऑनलाइन पेमेंट और डिजिटल दुनिया से जुड़ रहे हैं. ऐसे में सिर्फ पढ़ाई और तकनीकी शिक्षा ही नहीं बल्कि पैसों की अहमियत समझाना भी बेहद जरूरी हो गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बच्चों को शुरुआत से ही बचत और आर्थिक अनुशासन की आदत सिखाई जाए तो वे भविष्य में जिम्मेदार और आर्थिक रूप से समझदार बन सकते हैं.
इसी जरूरत को देखते हुए देश के कई प्रमुख बैंक बच्चों और किशोरों के लिए विशेष बचत खाते उपलब्ध करा रहे हैं. इन खातों के जरिए बच्चे अपनी पॉकेट मनी और उपहार में मिले पैसों को सुरक्षित रख सकते हैं. वहीं माता-पिता भी उनके खर्च और लेनदेन पर आसानी से नजर रख सकते हैं.
बच्चों के लिए क्यों जरूरी हैं ये खाते?
बच्चों के लिए बनाए गए ये विशेष खाते सिर्फ पैसे जमा करने की सुविधा नहीं देते, बल्कि कम उम्र से उनमें आर्थिक अनुशासन और बचत की आदत विकसित करने का काम भी करते हैं. इन खातों के माध्यम से बच्चे पैसों की अहमियत समझते हैं और जिम्मेदारी के साथ उनका उपयोग करना सीखते हैं.
माता-पिता भी बच्चों के खर्च और बैंकिंग गतिविधियों पर नजर रख सकते हैं. पॉकेट मनी और उपहार में मिले पैसों को सुरक्षित रखने के लिए भी ये खाते एक बेहतर विकल्प बन रहे हैं.
कोटक महिंद्रा बैंक का ‘कोटक माय जूनियर अकाउंट’
कोटक महिंद्रा बैंक बच्चों के लिए ‘कोटक माय जूनियर अकाउंट’ की सुविधा देता है. यह खाता 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए तैयार किया गया है. इसका उद्देश्य बच्चों में कम उम्र से बचत की आदत विकसित करना और उन्हें बैंकिंग से जोड़ना है. इस खाते की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें न्यूनतम राशि बनाए रखने की कोई अनिवार्यता नहीं होती. बच्चों को उनके नाम वाला विशेष डेबिट कार्ड दिया जाता है, जिसमें नकद निकासी की सीमा पहले से निर्धारित रहती है. इसके अलावा खरीदारी, भोजन और शिक्षा से जुड़े कई आकर्षक लाभ भी दिए जाते हैं.
बैंक ऑफ बड़ौदा का ‘बड़ौदा चैंप अकाउंट’
बैंक ऑफ बड़ौदा का ‘बड़ौदा चैंप अकाउंट’ स्कूली छात्रों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है. यह पूरी तरह जीरो बैलेंस खाता है, जिसमें एक लाख रुपये तक की राशि जमा की जा सकती है. इस खाते के जरिए स्कूल फीस जमा करने पर अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाता. साथ ही बच्चों को रुपे डेबिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग और अन्य डिजिटल सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं.
इंडसइंड बैंक का ‘इंडस यंग सेवर अकाउंट’
इंडसइंड बैंक बच्चों को पैसों के बेहतर प्रबंधन की समझ देने के उद्देश्य से ‘इंडस यंग सेवर अकाउंट’ उपलब्ध कराता है. इस खाते में बच्चों को उनकी पसंद के अनुसार विशेष डेबिट कार्ड दिया जाता है. इसके अलावा ऑनलाइन खरीदारी की सुविधा और बच्चों के नाम वाली व्यक्तिगत चेकबुक भी उपलब्ध कराई जाती है, जिससे वे बैंकिंग की प्रक्रिया को बेहतर तरीके से समझ सकें.
एचडीएफसी बैंक का ‘किड्स एडवांटेज अकाउंट’
आईडीबीआई बैंक का यह खाता उन माता-पिता के लिए बेहतर माना जाता है जो बच्चों के खर्चों पर नियंत्रण रखना चाहते हैं. इस खाते में माता-पिता बच्चों के खर्च की दैनिक सीमा खुद निर्धारित कर सकते हैं. इसके साथ शिक्षा बीमा कवर, एटीएम सुविधा, संदेश अलर्ट और नेट बैंकिंग जैसी सुविधाएं भी दी जाती हैं.
आईडीबीआई बैंक का ‘किड्स सेविंग अकाउंट’
आईडीबीआई बैंक बच्चों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ने के लिए विशेष सुविधाएं प्रदान करता है. इस खाते में बच्चों को विशेष डिजाइन वाला एटीएम कार्ड और व्यक्तिगत चेकबुक दी जाती है. हालांकि इसमें न्यूनतम औसत राशि बनाए रखने की शर्त लागू होती है. साथ ही अनावश्यक खर्चों को नियंत्रित करने के लिए नकद निकासी की सीमा भी तय की गई है.
विशेषज्ञों ने क्या कहा?
विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों को कम उम्र में आर्थिक शिक्षा देना उनके भविष्य के लिए एक मजबूत निवेश की तरह है. डिजिटल दौर में ऐसे खाते बच्चों को सुरक्षित तरीके से पैसों का इस्तेमाल और प्रबंधन सीखने का अवसर देते हैं. आने वाले समय में यही छोटी शुरुआत उन्हें आर्थिक रूप से जिम्मेदार और आत्मनिर्भर नागरिक बनाने में बड़ी भूमिका निभा सकती है.
यह भी पढ़े: LPG Cylinder Rate: पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच क्या महंगा हुआ गैस सिलेंडर? यहां जानें नए रेट

