Afghanistan earthquake: अफगानिस्तान में बुधवार, 1 जुलाई की देर रात भारतीय समयानुसार रात 11:27 बजे 5.5 तीव्रता का भूकंप आया. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में बताया गया कि भूकंप 173 किलोमीटर की गहराई पर आया. अच्छी बात रही कि भूकंप के बाद किसी तरह के नुकसान या जान-माल के नुकसान की तुरंत कोई खबर नहीं हैं.
बता दें कि अफगानिस्तान में अक्सर भूकंप आते रहते हैं, खासकर हिंदू कुश इलाके में, जो बहुत ज्यादा भूकंप-संवेदनशील जोन में आता है. अफगानिस्तान में भूकंप का खतरा इसलिए ज्यादा है क्योंकि यह भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के टकराने वाले जोन में स्थित है. इस देश के कुछ हिस्सों, जैसे हेरात इलाके, से एक बड़ी फॉल्ट लाइन भी गुजरती है.
प्राकृतिक आपदाओं के काफी संवेदनशील अफगानिस्तान
संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (UNOCHA) का कहना है कि अफगानिस्तान भूकंप, भूस्खलन और मौसमी बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रति बहुत ज्यादा संवेदनशील है. बार-बार आने वाले भूकंप उन समुदायों के लिए स्थिति और खराब कर देते हैं जो पहले से ही दशकों के संघर्ष और सीमित विकास से जूझ रहे हैं, जिससे उनमें कई झटकों का सामना करने की क्षमता बहुत कम हो जाती है.
वेनेजुएला का क्या है हाल
वहीं, पिछले हफ्ते वेनेजुएला में दो शक्तिशाली भूकंप आए थे जिसमें अबतक 1,900 से ज्यादा लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. वहां अभी भी बचाव और राहत कार्य जारी हैं. अमेरिकी ब्रॉडकास्टर के अनुसार, नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रामिरेज ने मंगलवार को घोषणा की कि कम से कम 1,943 लोगों की मौत हुई है, जो पिछले दिन की तुलना में लगभग 200 ज्यादा है.
हालांकि, माना जा रहा है कि मरने वालों की संख्या इससे कहीं ज्यादा है. US जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, इस बात की बहुत ज्यादा संभावना है कि हजारों लोगों की मौत हुई है. वेनेजुएला में संयुक्त राष्ट्र के रेजिडेंट और मानवीय समन्वयक जियानलुका रैम्पोला ने सोमवार को कहा कि वेनेजुएला सरकार और UN मौतों की आशंका को देखते हुए 10,000 बॉडी बैग मंगा रहे हैं.

