खाड़ी देशों ने खाेज निकाला होर्मुज का ताेड़, तैयार की तेल पाइपलाइन, पीएम मोदी को भेजा ब्लूप्रिंट!

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
America India trade: दुनिया की 20 परसेंट तेल सप्लाई अकेले होर्मुज के भरोसे है. जिसका फायदा उठाकर ईरान इस रास्ते पर ‘नाकेबंदी’ करके या मनमाना ‘टोल’ वसूलकर कई देशों की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ चुका है. तेल की कीमतों को लेकर हर तरफ हाहाकार मचा है लेकिन ईरान अपनी अमेरिका से खुन्नस निकालने के चक्कर में इस समुद्री रास्ते पर अपना चोकहोल्ड और कड़ा करता जा रहा है.
लेकिन, अब खेल बदलने वाला है, भारत ने गल्फ देशों के साथ मिलकर होर्मुज का एक ऐसा विकल्प ढूंढना शुरू कर दिया है जो ईरान की इस मनमानी को हमेशा के लिए खत्म कर सकता है. इसके लिए पीएम मोदी के पास ऑयल पाइपलाइन का प्रपोजल पहुंच गया है.

खाड़ी देशों ने निकाला होर्मुज का विकल्प

बता दें कि खाड़ी देश अब होर्मुज के उस खतरनाक संकरे रास्ते से पीछा छुड़ाना चाहते हैं जहां ईरान अपनी मर्जी चला रहा है. फाइनेंशियल टाइम्स के मुताबिक इस संकट को देखते हुए खाड़ी देशों ने अब भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ऐसा रास्ता तैयार किया है जो होर्मुज को पूरी तरह बाईपास कर देगा. दरअसल अब तेल सप्लाई के लिए नई पाइपलाइन तैयार की जा रही है.

IMEC प्रोजेक्ट भारत के लिए गेम-चेंजर?

इस पूरे प्लान के केंद्र में ‘इंडिया-मिडिल ईस्ट यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर’ (IMEC) है, जिसे पीएम मोदी का बड़ा मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है. ये प्रोजेक्ट भारत को सीधे यूरोप से जोड़ने का एक महा-प्लान है, जिसमें रेल, सड़क और पाइपलाइन का जाल बिछाया जाएगा. हाल ही में अपनी इजरायल यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने इस पर तेजी से काम करने की बात कही थी. ये रास्ता न सिर्फ सुरक्षित होगा बल्कि व्यापार की रफ्तार को भी कई गुना बढ़ा देगा.

इजरायल और सऊदी अरब की दोस्ती

सऊदी अरब ने अपनी ‘ईस्ट-वेस्ट’ पाइपलाइन को पहले ही एक्टिव कर लिया है, जो सीधे लाल सागर तक तेल पहुंचाती है. अब चर्चा इजरायल के ‘हाइफा पोर्ट’ को जोड़ने की है, जिससे तेल सीधे भूमध्य सागर के रास्ते यूरोप पहुंच जाएगा. इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू भी इस प्लान के बड़े समर्थक हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि होर्मुज का भरोसा नहीं किया जा सकता.

आधी हो जाएगी ईरान की ताकत?

जानकारों का कहना है कि अगर यह रूट चालू हो गया, तो ईरान की भौगोलिक ताकत आधी रह जाएगी. वो होर्मुज से अमेरिका अगर खाड़ी देशों का यह ‘बाईपास’ प्लान कामयाब हो गया तो ईरान का सबसे बड़ा हथियार यानी होर्मुज बेकार हो जाएगा. ये भारत के लिए भी बड़ी जीत होगी क्योंकि इससे हमारी ऊर्जा सुरक्षा यानी एनर्जी सिक्योरिटी हमेशा के लिए पक्की हो जाएगी.

UK ने भारत को भेजा न्योता

दिलचस्प बात यह है कि होर्मुज को लेकर इस मिशन में अब सिर्फ खाड़ी देश ही नहीं, बल्कि ब्रिटेन (UK) भी भारत के साथ खड़ा होना चाहता है. हाल ही में यूके ने भारत को एक खास न्योता भेजा है ताकि मिलकर इस संकट का हल निकाला जा सके.
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