Balen Bhah India visit: नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह के नवंबर में भारत दौरे करने की खबर है, जिसे लेकर दोनो देशों के अधिकारियों ने तैयारियां तेज कर दी हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, नवंबर महीने के तीसरे या चौथे हफ्ते में बालेन शाह दिल्ली आ सकते हैं. कुछ नेपाली मीडिया रिपोर्ट्स में उनकी यात्रा की तारीख 23 से 25 सितंबर बताई गई है, लेकिन अभी तक इसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की गई है.
बता दें कि इस साल प्रधानमंत्री बनने के बाद बालेन शाह का ये पहला द्विपक्षीय दौरा होगा. इससे पहले वो यूएन की बैठक में भाग लेने न्यूयॉर्क गये थे. काठमांडू पोस्ट के मुताबिक, यात्रा की तारीख अभी तय नहीं है लेकिन यह यात्रा तीन दिन की हो सकती है और बालेन शाह के नई दिल्ली से बाहर जाने की उम्मीद कम है. इस यात्रा के दौरान वो दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे, दूसरे मंत्रियों से मुलाकात करेंगे. इसके अलावा अस दौरान दोनों पक्षों के बीच कई समझौतों और सहमति पत्रों (MoU) पर हस्ताक्षर होने की भी उम्मीद है.
बालेन शाह नवंबर में भारत दौरे पर आएंगे
वहीं, नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने हाल ही में कहा था कि बालेन शाह की यात्रा की तारीख अभी तय नहीं हुई है लेकिन उनकी यात्रा ‘सही समय’ पर होगी. दोनों पक्षों ने उन परियोजनाओं की सूची साझा कर ली है जिनका उद्घाटन बालेन शाह की यात्रा के दौरान किया जाना है. इसके अलावा, नेपाली विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने भी कहा कि इस यात्रा के दौरान कुछ गंभीर और जटिल मुद्दे हैं जिन पर भारत के साथ चर्चा होनी है जैसे- सीमा विवाद, भारत के रास्ते नेपाल के लिए हवाई मार्ग और व्यापार असंतुलन. यात्रा की तारीख दुर्गा पूजा के बाद तय किए जाने की संभावना है.
- दरअसल, इस यात्रा के दौरान जिन परियोजनाओं का उद्घाटन किया जाना है उनमें कावरेपालानचोक के पनौती में नेपाल पुलिस अकादमी, दारचुला में एक पुल, भैरहवा में इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट और महाकाली नदी पर बना एक मोटर योग्य पुल शामिल हैं.
- इसके अलावा, उम्मीद है कि दोनों प्रधानमंत्री संयुक्त रूप से दोधारा चांदनी में इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट, लोअर अरुण जलविद्युत परियोजना और भारत के सिलीगुड़ी से नेपाल के झापा तक जाने वाली पेट्रोलियम पाइपलाइन के निर्माण कार्य की शुरुआत करेंगे.
- वहीे कुछ अधिकारी कई बड़ी जलविद्युत परियोजनाओं को भी एजेंडे में शामिल करने पर विचार कर रहे हैं क्योंकि ज्यादातर द्विपक्षीय तंत्रों की बैठकें पहले ही पूरी हो चुकी हैं.
- इनमें 750 मेगावाट की वेस्ट सेती, 480 मेगावाट की फुकोट करनाली और 450 मेगावाट की सेती नदी-6 परियोजनाएं शामिल हैं. भारत की सरकारी कंपनी NHPC इन तीनों परियोजनाओं से जुड़ी हुई है.
- अन्य जिन विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है उनमें कोसी नदी से जुड़ी एक परियोजना, अयोध्या-जनकपुर रेलवे लाइन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में नेपाल की महत्वाकांक्षाओं के लिए भारत का समर्थन शामिल है.
बाढ़ के बाद पुननिर्माण के लिए भारत से मदद मांग रहा नेपाल
रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल 26 अगस्त को भोटेकोशी में आई आपदा के बाद पुनर्निर्माण और बहाली कार्यों के लिए भारत से अनुदान और रियायती ऋण की भी मांग कर रहा है. ऐसे में वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले पहले ही भारत का दौरा कर चुके हैं और बाढ़ के बाद पुनर्निर्माण कार्यों के लिए संभावित सहायता पर चर्चा कर चुके हैं.
इसके अलावा, नेपाली अधिकारी कई लंबे समय से चले आ रहे और विवादित मुद्दों पर भारत के साथ सहमति बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं. इनमें सीमा विवाद, नेपाल के कुछ और एयरपोर्ट्स, पंचेश्वर बहुउद्देशीय परियोजना, और व्यापार और पारगमन (ट्रांजिट) से जुड़ी व्यवस्थाएं शामिल हैं.

