बर्लिन में ग्रिड ध्वस्त होने के बाद हजारों घरों में बिजली गुल, छाया अंधेरा, मेयर ने बताया इसे आतंकी हमला

Berlin: जर्मनी की राजधानी बर्लिन में ग्रिड पर हमले के बाद हजारों घरों में बिजली गुल हो गई है. दक्षिण-पश्चिम बर्लिन में हजारों घरों के साथ-साथ सुपरमार्केट, दुकानें, रेस्टोरेंट और दूसरे बिजनेस क्षेत्रों में बिजली ना होने की वजह से अंधेरा छा गया. उधर, खुद को वल्कनग्रुप कहने वाले एक समूह ने रविवार को ऑनलाइन पोस्ट करके हमले की जिम्मेदारी ली और कहा कि उसने लिक्टरफेल्ड में एक गैस पावर स्टेशन से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को सफलतापूर्वक नुकसान पहुंचाया.

घटना एक आतंकवादी हमला

बर्लिन के मेयर काई वेगनर ने मंगलवार को एक न्यूज कॉन्फ्रेंस में इस घटना को एक आतंकवादी हमला बताया. वेगनर ने कहा कि हमने इस शहर में एक आतंकी हमला देखा है. एक वामपंथी आतंकी हमला. मैं दोहराना चाहता हूं- यह कोई मामूली आगजनी का हमला नहीं था, न ही यह तोड़फोड़ थी. यह एक आतंकी हरकत थी. हालांकि बिजली मरम्मत का काम जारी है लेकिन कई इलाकों में तमाम घर बिना बिजली के ही रहे.

लगातार चौथे दिन अंधेरे में रहे राजधानी के कुछ हिस्से

न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार जर्मन राजधानी के कुछ हिस्से लगातार चौथे दिन अंधेरे में रहे. स्ट्रोमनेट्ज बर्लिन ने कहा कि स्थानीय समयानुसार दोपहर 12:45 बजे तकए निकोलासी, जेहलेंडोर्फ, वानसी और लिक्टरफेल्ड के इलाकों में करीब 24,700 घर और 1,120 कारोबार अभी भी प्रभावित थे. ऑपरेटरों ने अनुमान लगाया था कि गुरुवार दोपहर तक पूरी ग्रिड को पूरी तरह से ठीक करके बिजली सेवा फिर से शुरू कर दी जाएगी. लेकिन ग्रिड को ठीक करने में काफी तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

पांच अस्पतालों में सभी सेवाएं फिर से शुरू

शनिवार सुबह एक पावर स्टेशन तक जाने वाले केबल में आग लगने के बाद करीब 45,000 घरों और 2,200 से ज्यादा कारोबारियों की बिजली चली गई. स्ट्रोमनेट्ज बर्लिन ने कहा कि प्रभावित जिलों के पांच अस्पतालों में सभी सेवाएं रविवार सुबह से फिर से शुरू कर दी गई हैं. दूसरी ओरए राजधानी बर्लिन में बर्फबारी और कम तापमान की वजह से लोगों को घरों के अंदर जमा देने वाली ठंड का सामना करना पड़ रहा है.

आतंकी हमले के शक में जांच

जर्मन न्यूज एजेंसी डीपीए ने बताया कि जर्मनी का फेडरल प्रॉसिक्यूटर ऑफिस आतंकी हमले के शक में ही इस मामले की जांच कर रहा है. अधिकारियों ने कहा कि उन्हें आतंकी संगठनों में मेंबरशिप, तोड़फोड़, आगजनी और पब्लिक सेवा में रुकावट जैसे अपराधों का शक है. बर्लिन के इंटीरियर सेनेटर आइरिस स्प्रेंगर ने कहा कि हम अपने पावर ग्रिड पर एक वामपंथी आतंकी हमले के बारे में बात कर रहे हैं, जिसे बहुत ध्यान से प्लान किया गया था और पूरी तरह आपराधिक मंशा से किया गया था.

इसे भी पढ़ें. INDIAN ARMY की चेतावनी से डरी पाकिस्तानी सेना, रोकना पड़ा डिफेंस बंकर का काम

More Articles Like This

Exit mobile version