काला सागर में कॉमर्शियल जहाज पर हमला, 2 भारतीय नाविक लापता

Aarti Kushwaha
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Black Sea Attack: एक बार फिर से काला सागर में यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह पर कॉमर्शियल शिप पर हमला हुआ है. इस जहाज पर 4 भारतीय नागरिक सवार थे. भारतीय दूतावास ने जानकारी देते हुए कहा कि दो भारतीय सुरक्षित हैं, जबकि बाकी दो के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिल पाई है. फिलहाल, उनकी तलाश के लिए बचाव अभियान जारी है. बता दें कि एक हफ्ते के भीतर भारतीय नाविकों से जुड़ी यह दूसरी बड़ी घटना है, जिससे ब्लैक सी में काम कर रहे भारतीय समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है.
कीव स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान जारी कर बताया कि एमवी एजीएन रैग्नर (MV AGN Ragnar) नाम का व्यापारिक जहाज 25 जुलाई को ओडेसा बंदरगाह पर हमले की चपेट में आ गया, जिसपर चार भारतीय नागरिक मौजूद थे.
अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, जहाज पर मौजूद दो भारतीय सुरक्षित हैं, जबकि अन्य दो की स्थिति का पता लगाने के लिए खोज और बचाव अभियान चलाया जा रहा है. दूतावास ने कहा कि वह स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के लगातार संपर्क में है और पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है.

पहले भी हुआ हमला

बता दें कि ओडिसा, यूक्रेन का सबसे बड़ा बंदरगाह है और रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से यह कई बार मिसाइल और ड्रोन हमलों का निशाना बन चुका है. युद्ध के चलते इस क्षेत्र से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों के लिए लगातार खतरा बना हुआ है. वही, ऐसे हमलों से अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार भी प्रभावित हो रहा है. दरअसल, यह घटना ऐसे समय हुई है जब कुछ दिन पहले ही ओडेसा पोर्ट से रवाना हुए एक अन्य मालवाहक जहाज एमवी गोल्डन लियो (MV Golden Leo) पर भी हमला हुआ था. उस जहाज पर कुल 17 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें शामिल 5 भारतीय नागरिकों में से चार की मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य भारतीय गंभीर रूप से घायल हो गया था और उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है.

सरकार ने जारी की एडवाइजरी

जानकारी के अनुसार, सरकार ने भारतीय नाविकों और शिपिंग कंपनियों से भी कहा है कि वे जहाज के मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था, बीमा और आपातकालीन सुविधाओं की पूरी जानकारी लेने के बाद ही किसी जहाज पर नियुक्ति स्वीकार करें. मंत्रालय के मुताबिक, अप्रैल से अब तक ब्लैक सी क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों पर हमले बढ़े हैं, जिनमें पांच भारतीय नाविक अपनी जान गंवा चुके हैं.

इसी बीच भारतीय दूतावास ने भरोसा दिलाया है कि वह लापता भारतीय नागरिकों का पता लगाने के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है. इसके साथ ही सरकार ने दोहराया है कि ब्लैक सी जैसे संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में काम करने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.

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