New Delhi: भारत ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को विशेष निमंत्रण भेजा है. इस न्योते को दोनों पड़ोसी देशों के बीच रिश्तों को पटरी पर लाने की एक बड़ी कूटनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है. नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन होना है. ब्रिक्स उभरती हुई प्रमुख राष्ट्रीय अर्थव्यवस्थाओं का एक संगठन है, जिसके सदस्यों में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं.
दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण माहौल
अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के तख्तापलट और उसके बाद से दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है. अगर रहमान इसे स्वीकार करते हैं तो फरवरी में चुनाव के बाद बांग्लादेश का नेता बनने के बाद वह पहली बार सीधे भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेंगे. इस मौके पर बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि ढाका को न्योता मिल गया है और इसे प्रधानमंत्री कार्यालय को भेज दिया गया है.
ब्रिक्स का सदस्य नहीं
अधिकारी के अनुसार बांग्लादेश जो ब्रिक्स का सदस्य नहीं है, को विशेष अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया था, क्योंकि वह वर्तमान में ‘बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन’ (BIMSTEC) की अध्यक्षता कर रहा है. यह न्योता ऐसे समय में आया है जब दोनों पक्ष तनाव के दौर के बाद संबंधों को स्थिर करने की इच्छा जता रहे हैं.
दिल्ली के साथ मिलकर काम
यह तनाव अगस्त 2024 में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद पैदा हुआ था. जिनकी सरकार ने दिल्ली के साथ मिलकर काम किया था. विरोध प्रदर्शनों के बाद हसीना भारत भाग गईं, जिससे मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के लिए वहां उनकी मौजूदगी एक संवेदनशील मुद्दा बन गई है.
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