New Delhi: आतंकवाद का संरक्षण देने वाला पाकिस्तान अब चीन के सहारे अंतरिक्ष में भी अपनी जगह बनाना चाहता है. इसी बीच चीन ने पाकिस्तान का एक और सैटेलाइट लॉन्च कर दिया है, जिससे दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी और गहरी हो गई है. चीन ने उत्तरी शांक्शी प्रांत में स्थित ताइयुआन उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र से शनिवार रात एक पाकिस्तानी उपग्रह का प्रक्षेपण किया.
क्षेत्रीय संतुलन के लिए नई चुनौती
वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों का यह बढ़ता स्पेस सहयोग क्षेत्रीय संतुलन के लिए नई चुनौती के रूप में देखा जा रहा है. इस तरह के सैटेलाइट केवल नागरिक उपयोग तक सीमित नहीं होते, बल्कि इनका इस्तेमाल निगरानी, सुरक्षा और सैन्य गतिविधियों में भी किया जा सकता है. PRSC-EO3 नामक इस उपग्रह को रात 8:15 बजे (बीजिंग समयानुसार) लॉन्ग मार्च-7 रॉकेट के जरिये प्रक्षेपित किया गया और यह सफलतापूर्वक निर्धारित कक्षा में पहुंच गया.
पाकिस्तान का यह चौथा उपग्रह
पिछले साल से अब तक चीन द्वारा प्रक्षेपित किया गया पाकिस्तान का यह चौथा उपग्रह है. चीन ने पिछले साल पाकिस्तान के तीन उपग्रह प्रक्षेपित किए थे. चीन पिछले कुछ वर्षों से पाकिस्तान के उपग्रह प्रक्षेपित कर रहा है. इसके अलावा चीन के अंतरिक्ष मिशन प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए चुने गए पाकिस्तान के दो अंतरिक्ष यात्री 24 अप्रैल को यहां पहुंचे थे. चीन की मानव अंतरिक्ष एजेंसी ने बताया कि पाकिस्तानी अंतरिक्ष यात्री शुक्रवार को बीजिंग स्थित चीन के अंतरिक्ष यात्री केंद्र पहुंचे, जहां वे अपने चीनी साथियों के साथ प्रशिक्षण में भाग लेंगे.
अंतरिक्ष में भी अपनी मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश
आवश्यक प्रशिक्षण पूरा करने और आकलन में सफल होने के बाद, इनमें से एक अंतरिक्ष मिशन में ‘पेलोड स्पेशलिस्ट’ के रूप में भाग लेगा. “आतंकिस्तान” की छवि से घिरे पाकिस्तान ने अब अंतरिक्ष में भी अपनी मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश तेज कर दी है और इसमें उसका सबसे बड़ा सहारा चीन बना है.
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