कोरियाई युद्ध के बाद दक्षिण कोरिया ने दिखाई दरियादिली, मारे गए 30 चीनी सैनिकों के अवशेष लौटाए

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Seoul: दक्षिण कोरिया ने 30 चीनी सैनिकों के अवशेष शुक्रवार को बीजिंग भेज दिए. 1950- 53 के बीच दक्षिण- उत्तर कोरिया की जंग हुई थी, जिसमें चीनी सैनिक मारे गए थे. कोरियाई युद्ध के दौरान उत्तर कोरिया के साथ लड़ते हुए उनकी मौत हुई थी. दक्षिण कोरियाई रक्षा मंत्रालय के मुताबिक अवशेषों के साथ- साथ उनके 267 सामान भी सोल के पश्चिम में इंचियोन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर चीन के पूर्व सैनिक मामलों के अधिकारियों को सौंप दिए गए.

88 चीनी सैनिकों के अवशेष स्वदेश भेजे थे…

इससे पहले 2022 में दक्षिण कोरिया ने कोरियाई युद्ध के दौरान मारे गए 88 चीनी सैनिकों के अवशेष स्वदेश भेजे थे. दक्षिण कोरिया ने 2014 से अब तक चीनी सैनिकों के कुल 1,011 अवशेष लौटाए हैं. मंत्रालय ने युद्ध स्थल पर खुदाई करके इन्हें जुटाया था. इस वर्ष मंत्रालय ने लगातार दूसरे वर्ष चीनी सैनिकों के अवशेषों की वापसी समारोह में भाग नहीं लिया, क्योंकि कोरियाई युद्ध के दौरान चीन ने उत्तर कोरिया के साथ मिलकर दक्षिण कोरिया और संयुक्त राष्ट्र सैनिकों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी.

चीन ने नायकों की वापसी के रूप में किया था प्रचारित

एक रिपोर्ट के अनुसार यह कदम इसलिए भी उठाया गया क्योंकि माना जाता है कि चीन ने अपने प्रचार के लिए अवशेषों की वापसी को नायकों की वापसी के रूप में प्रचारित किया था. रक्षा मंत्रालय ने कहा कि हमें उम्मीद है कि यह स्वदेश वापसी दक्षिण कोरिया और चीन के बीच मैत्रीपूर्ण सहयोगात्मक संबंधों को मजबूत करने में योगदान देगी. चीनी सैनिकों के अवशेषों से भरे लकड़ी के ताबूत सोल के पास इंचियोन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक भव्य समारोह में चीन को सौंपे गए.

चीनी सैनिकों के अवशेषों को स्वदेश भेजने का संकल्प

इसी तरह 2020 में 1950- 53 के कोरियाई युद्ध में मारे गए 117 चीनी सैनिकों के अवशेष वापस भेजे गए. 2014 में सोल ने मैत्री का हाथ बढ़ाते हुए चीनी सैनिकों के अवशेषों को स्वदेश भेजने का संकल्प लिया था. 2014 और 2021 के बीच कुल 825 चीनी सैनिकों के अवशेष स्वदेश भेजे गए. कोरियाई युद्ध 25 जून 1950 को शुरू हुआ और 27 जुलाई 1953 को एक युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर के बाद समाप्त हुआ. जिसमें यह सहमति बनी थी कि देश विभाजित रहेगा.

संयुक्त राज्य अमेरिका ने भी किया था समर्थन

द्वितीय विश्व युद्ध के अंत में कोरिया जो पहले जापान के कब्जे में था विभाजित हो गया. सोवियत संघ के समर्थन से उत्तर कोरिया ने 25 जून 1950 को दक्षिण कोरिया पर आक्रमण किया, जिसका समर्थन संयुक्त राज्य अमेरिका ने भी किया था. तीन साल का यह युद्ध बेहद भयावह थाए जिसमें 30 लाख लोग मारे गए और हजारों लोग हताहत हुए.

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