Washington: ईरान पर दो हफ्ते के युद्धविराम के बीच अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सुर बदल गए हैं. ट्रंप ने ईरान की घेराबंदी करने के लिए अब इकोनॉमिक वॉर का बिगुल फूंक दिया है, जिसने पूरी दुनिया के व्यापारिक समीकरणों को हिला कर रख दिया है. ट्रंप ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25% से 50% तक का अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान किया है.
भारत-ईरान व्यापार पर बढ़ सकता है दबाव
भारत, जो ईरान का प्रमुख व्यापारिक साझेदार है, पहले से ही अन्य टैरिफ झेल रहा है और इस नए फैसले से भारत-ईरान व्यापार पर दबाव बढ़ सकता है. ट्रंप ने सख्त लहजे में ऐलान किया है कि जो भी देश ईरान को सैन्य हथियारों की मदद पहुंचाएगा, उसे अमेरिका के साथ व्यापार करने की बहुत भारी कीमत चुकानी होगी और ऐसे देशों से आने वाले हर प्रोडक्ट पर तत्काल 50% का आयात शुल्क (टैरिफ) ठोक दिया जाएगा.
अमेरिकी बाजार के दरवाजे लगभग बंद
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस आदेश में ट्रंप ने किसी भी देश को कोई रियायत या छूट न देने की बात कही है. जिसका सीधा मतलब है कि अब ईरान के साथ दोस्ती निभाने वाले देशों के लिए अमेरिकी बाजार के दरवाजे लगभग बंद हो जाएंगे. ट्रंप का यह आक्रामक रुख साफ जाहिर करता है कि वे सैन्य हथियारों की सप्लाई चेन को पूरी तरह तोड़कर ईरान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अकेला छोड़ देना चाहते हैं.
ईरान पर बढ़ाना है दबाव
इस कदम का उद्देश्य ईरान पर दबाव बढ़ाना है, जो भारत जैसे प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के लिए मुश्किल पैदा कर सकता है और उनके द्वारा अमेरिका को निर्यात की जाने वाली वस्तुओं की लागत बढ़ा सकता है. ट्रंप की यह नीति वैश्विक व्यापार में एक आक्रामक रुख दिखाती है, जिससे अंतरराष्ट्रीय फार्मा और मेटल उद्योग पर भी असर पड़ सकता है.
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