Donald Trump: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अटलांटिक महासागर का नाम बदलकर अपने नाम पर रखना चाहते थे, जिसे लेकर ट्रंप का दावा है कि उन्होंने इस बारे में गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर पिचाई से बात की थी, लेकिन पिचाई ने उनका सुझाव मानने से इनकार कर दिया. ट्रंप के अनुसार, पिचाई ने समझाया कि महासागर कई देशों में फैले होते हैं, इसलिए उनका नाम बदलना आसान नहीं है. आखिरकार ट्रंप ने भी इस विचार को छोड़ने की बात कही और अटलांटिक महासागर को उसके मौजूदा नाम से ही रहने देंगे.
ट्रंप ने सुंदर पिचाई के साथ हुई कथित बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने गूगल के नक्शे में अटलांटिक महासागर का नाम बदलने की संभावना के बारे में पूछा था. ट्रंप ने कहा कि ‘मैंने सुंदर से कहा कि मैं अटलांटिक महासागर के बारे में सोच रहा हूं. क्या आप यह कर सकते हैं?’ ट्रंप का कहना है कि पिचाई ने जवाब दिया, ‘नहीं, नहीं, नहीं. इस बार मैं ऐसा नहीं कर रहा हूं.’ ट्रंप ने बताया कि पिचाई ने उन्हें कहा कि महासागर कई देशों तक फैले होते हैं और उनसे ऐसे नाम बदलने के लिए नहीं कहना चाहिए. हालांकि, इस बातचीत की गूगल की ओर से स्वतंत्र पुष्टि नहीं दी गई है.
सुंदर पिचाई और सर्गेई ब्रिन की तारीफ
इस बातचीत के बारे में बताते हुए ट्रंप ने सुंदर पिचाई और गूगल के सह-संस्थापक सर्गेई ब्रिन की तारीफ भी की और दोनों को बेहद प्रतिभाशाली बताया. ट्रंप ने कहा कि उन्हें अटलांटिक और प्रशांत महासागर के नामों में ही खास दिलचस्पी है. वह इन दो महासागरों के अलावा किसी दूसरे महासागर के नाम में न तो अपना नाम जोड़ना चाहते हैं और न ही अमेरिका का नाम. इस दौरान ट्रंप ने अपने पिता की कही एक बात भी याद की. उनके मुताबिक, उनके पिता ने कहा था कि उनके बेटे में सही जगह पहचानने की शानदार क्षमता है.