भूकंप के बाद थाईलैंड और म्यांंमार में घोषित हुआ आपातकाल, मची भीषण तबाही

Raginee Rai
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Earthquake in Myanmar: म्‍यांमार में शुक्रवार को आए भूकंप के झटके थाईलैंड तक महसूस किए गए, जिससे वहां अफरातफरी मच गई. राजधानी बैंकॉक में एक निर्माणाधीन इमारत जमींदोज हो गई, जबकि सैकड़ों लोग दफ्तरों और घरों से बाहर निकल आए. रिक्‍टर स्‍केल पर भूकंप की तीव्रता 7.7 मापी गई है. इतनी शक्तिशाली भूकंप आने के बाद 6.4 तीव्रता का आफ्टरशॉक भी आया है. भूकंप की वजह से थाईलैंड और म्‍यांमार में भारी तबाही मची है. हालांकि अभी तक कितने लोगों की जान गई है, इसका कोई आंकड़ा सामने नहीं आया है.  थाईलैंड और म्यांमार में स्टेट इमरजेंसी घोषित कर दी गई है. वहीं म्यांमार के शासक जुंटा ने अंतरराष्ट्रीय मानवीय सहायता मांगी है.

लोगों में मची अफरातफरी  

एएफपी टीम के अनुसार, म्‍यांमार में इमारत के हिलने पर छत से टुकड़े गिरने लगे. उन्होंने बताया कि वर्दीधारी कर्मचारी बाहर भागे, कुछ कांप रहे थे और आंसू बह रहे थे, जबकि कुछ अन्य अपने परिवारजनों से बात करने के लिए मोबाइल पर कॉल कर रहे थे. भूकंप के वजह से आस-पास की सड़कें उखड़ गईं और टूट गईं. शहर के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक का रास्ता यातायात से जाम हो गया. अधिकारियों के हवाले से एएफपी ने बताया कि भूकंप के बाद अस्पताल बड़े पैमाने पर हताहतों का क्षेत्र बन गया.

ऐतिहासिक ब्रिज तबाह

एक रिपोर्ट के अनुसार, एक हजार बिस्तरों वाले अस्पताल में, घायलों का इलाज बाहर सड़क पर किया जा रहा था. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, म्यांमार की प्राचीन शाही राजधानी मांडले से सोशल मीडिया पोस्ट में ढही हुई इमारतें और शहर की सड़कों पर बिखरा हुआ मलबा दिखाया गया. हालांकि, रॉयटर्स तुरंत पोस्ट की पुष्टि नहीं कर सका. भूकंप का केंद्र मध्य म्यांमार में था, जो मोनीवा शहर से करीब 30 मील (50 किमी) पूर्व में था. म्यांमार में आए इस भूकंप की वजह से ऐतिहासिक एवा ब्रिज टूट गया है और सोने का बना महामुनि पगोड़ा तबाह हो चुका है.

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