मंगल से पहले चांद पर शहर बसाने की तैयारी, एलन मस्‍क ने बताई डेडलाइन

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Elon Musk Moon City Plan: दिग्गज कारोबारी और टेस्‍ला के सीईओ एलन मस्क ने बड़ा ऐलान किया है. दरअसल, स्पेसएक्स अब मंगल ग्रह पर शहर बसाने से पहले चंद्रमा पर एक आत्मनिर्भर शहर स्थापित करने पर फोकस कर रहा है. इसकी जानकारी कंपनी के फाउंडर और सीईओ एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने पोस्ट में जानकारी दी है.

मस्‍क ने बताया कि चंद्रमा पर ‘सेल्फ-ग्रोइंग’ या खुद से विकसित होने वाला शहर बनाने का लक्ष्य 10 साल से भी कम समय में हासिल किया जा सकता है, जबकि मंगल पर ऐसा करने में 20 साल से ज्यादा लग सकते हैं.

चांद ही नहीं अब मंगल पर भी बसेगा शहर

इस दौरान मस्‍क ने भी स्‍पष्‍ट किया कि स्पेसएक्स मंगल पर भी शहर बनाने की कोशिश जारी रखेगा, लेकिन इसकी शुरुआत लगभग 5 से 7 साल बाद होगी. फिलहाल, कंपनी की प्राथमिकता चंद्रमा पर मानव बस्ती बसाना है. यह घोषणा उस वक्‍त की गई ज‍ब स्पेसएक्स ने अपने संसाधनों को मंगल मिशन से हटाकर चंद्रमा की ओर मोड़ दिया है.

2027 तक चंद्रमा पर अनक्रूड लैंडिंग

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी अब मार्च 2027 तक चंद्रमा पर एक अनक्रूड (बिना इंसान वाली) लैंडिंग का लक्ष्य रख रही है. वहीं, इससे पहले मस्‍क ने 2026 के अंत तक मंगल पर अनक्रूड मिशन भेजने की बात कही थी, लेकिन अब टाइमलाइन में बदलाव आया है. यह बदलाव स्पेसएक्स के स्टारशिप रॉकेट के विकास से जुड़ा है.

बता दें कि स्टारशिप दुनिया का सबसे बड़ा और शक्तिशाली रीयूजेबल रॉकेट है, जो चंद्रमा और मंगल दोनों के लिए डिजाइन किया गया है. नासा के आर्टेमिस प्रोग्राम के तहत स्पेसएक्स को चंद्रमा पर एस्ट्रोनॉट्स उतारने का कॉन्ट्रैक्ट मिला है. स्टारशिप को लूनर लैंडर के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा.

चंद्रमा पर बेस बनाना होगा आसान‘ 

कंपनी का कहना है कि चंद्रमा पर पहले बेस बनाना आसान होने के साथ तेज भी होगा, क्‍योंकि चंद्रमा की दूरी पृथ्वी से कम है, जिसे तय करने में 3 दिन का समय लगता है, जबकि मंगल तक पहुंचने में 6-9 महीने लगते हैं. चंद्रमा पर बर्फ मिलने की संभावना है, जिसे ईंधन (ऑक्सीजन और हाइड्रोजन) में बदला जा सकता है. इसके साथ ही, साउथ पोल के पास शैकलटन क्रेटर जैसे इलाकों में लगभग लगातार सूरज की रोशनी मिलती है, जो सोलर पावर के लिए फायदेमंद है.

खुद की जरूरतें पूरी करेगा शहर

मस्क की योजना में स्टारशिप को ही शुरुआती हैबिटेट या बेस के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा. कार्गो मिशन्स से सामग्री पहुंचाई जाएगी, फिर 3डी प्रिंटिंग और रोबोट्स से बेस को बढ़ाया जाएगा. यह शहर सेल्फ-सस्टेनिंग, यानी खुद की जरूरतें पूरी करने वाला.

दरअसल, मंगल की तुलना में चंद्रमा पर रेडिएशन, डस्ट स्टॉर्म्स और कम ग्रैविटी जैसी चुनौतियां कम हैं. मस्‍क का लक्ष्‍य है कि चंद्रमा पर बेस बनाकर इंसान मल्टी-प्लैनेटरी स्पीशीज बने, जो मानवता को लंबे समय तक बचाए रखने में मदद करेगा.

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