अफगानिस्तान की मदद के लिए आगे आया भारत, पाकिस्तान को मची बौखलाहट
India-Afghanistan Friendship: पाकिस्तान द्वारा पड़ोसी देश अफगानिस्तान के नागरिकों को देश से निकालने के लिए किए जा रहे कार्यो की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा हो रही है. ऐसे में भारत अपने दोस्त अफगानिस्तान की मदद के लिए आगे आया है. दरअसल, भारत-अफगानिस्तान की दोस्ती कभी भी पाकिस्तान को रास नहीं आई है क्योंकि अफगानिस्तान मुश्किल के वक्त में भारत उसके साथ खड़ा रहा है.
वहीं, अब जब अफगानी नागरिकों पर आंच आई तो भारत ने मानवीय सहायता के तहत अफगानिस्तान को परिवारों के रहने के लिए टेंट सौंपे हैं, जिनका इस्तेमाल पाकिस्तान से लौट रहे अफगान नागरिकों के अस्थायी पुनर्वास और उन्हें रहने की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए किया जाएगा.
भारतीय विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि भारत लगातार अफगानिस्तान के लोगों की मदद करता रहा है. ऐसे में ही अब अफगानिस्तान के शरणार्थी और पुनर्वास मंत्रालय (एमओआरआर) को फैमिली टेंट सौंपे गए हैं, जिससे अपने देश लौट रहे लोगों को राहत मिल सके और उन्हें दोबारा बसने में सहायता मिल सके.
बता दें कि इन दिनों बड़ी संख्या में अफगान नागरिक पाकिस्तान से वापस अपने देश लौट रहे हैं. दरअसल, पाकिस्तान सरकार ने बिना वैध दस्तावेज या वीजा वाले अफगान नागरिकों को देश छोड़ने के लिए कहा है. साथ ही ऐसा न करने पर कड़ी कार्यवाई करने की भी चेतावनी दी है.
24 घंटे में लौटे 4000 अफगानी नागरिक
रिपोर्टों के मुताबिक, ऐसे अफगानों को 10 जुलाई तक स्वेच्छा से पाकिस्तान छोड़ने का समय दिया गया था.वहीं, समय सीमा खत्म होने के बाद प्रशासन ने उन्हें वापस भेजने की कार्रवाई तेज कर दी. तालिबान के ‘हाई कमीशन फॉर एड्रेसिंग रिटर्नीज इश्यूज’ ने बताया कि पिछले वीकेंड में केवल 24 घंटे के भीतर 4 हजार से अधिक अफगान नागरिक पाकिस्तान से वापस अफगानिस्तान पहुंचे.
वहीं, पाकिस्तान के अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, लांडी कोटल स्थित हमजा बाबा ट्रांजिट पॉइंट पर लौटने वाले अफगानों की संख्या लगातार बढ़ रही है. अधिकारियों का कहना है कि सरकार के आदेश के बाद अब हर दिन 10 हजार से अधिक अफगान नागरिक वापस लौट रहे हैं.
UNHCR ने जताई पाकिस्तान के फैसले पर चिंता
इस बीच संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (UNHCR) ने पाकिस्तान के फैसले पर चिंता जताई है. UNHCR के प्रवक्ता कैसर खान अफरीदी ने कहा कि संगठन को खास तौर पर उन महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा की चिंता है, जिन्हें ऐसे देश लौटना पड़ रहा है जहां उनके अधिकारों पर गंभीर खतरा हो सकता है. उन्होंने पाकिस्तान सरकार से अपील की है कि अफगान शरणार्थियों की वापसी पूरी तरह स्वैच्छिक, सुरक्षित और सम्मानजनक तरीके से कराई जाए.

