New Delhi: जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकायची की भारत दौरे से चीन बौखलाया हुआ है. पीएम मोदी-ताकायची के बीच की केमिस्ट्री इस वक्त इंटरनेट पर छाई हुई है. पीएम मोदी ने अपने भाषण के दौरान ताकायची को अपनी छोटी बहन कहकर संबोधित किया. यही वजह है इनकी करीबी ड्रैगन को पच नहीं रही है. चीन ने ताकायची की यात्रा के बीच में ही जापान और फिलीपींस के बीच प्रस्तावित समुद्री सीमा वार्ता को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है.
जापान-फिलीपींस की ये पहल अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ
चीन की ओर से कहा गया है कि जापान-फिलीपींस की ये पहल अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है और इससे चीन के हितों को नुकसान पहुंचता है. इतनी ही नहीं चीन ने चेतावनी भी दी है कि यदि यह प्रक्रिया जारी रही तो वह दोनों देशों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जवाबदेह ठहराने का अधिकार रखता है. आपको बता दें कि चीन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य है.
समुद्री सीमाओं को लेकर भविष्य के विवाद
जापान और फिलीपींस का कहना है कि उनकी समुद्री सीमा वार्ता पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून (UNCLOS) के अनुरूप है. उनका उद्देश्य क्षेत्र में कानूनी स्पष्टता बढ़ाना और समुद्री सीमाओं को लेकर भविष्य के विवादों को कम करना है. इससे पहले मई में भी चीन ने इन वार्ताओं को अवैध और अमान्य बताया था. साथ ही उसने ताइवान के पूर्वी समुद्री क्षेत्र में अपने सबसे बड़े गश्ती जहाज समेत कई पोत भेजे थे.
कानून लागू करने की सामान्य कार्रवाई
चीन ने इसे कानून लागू करने की सामान्य कार्रवाई बताया, जबकि क्षेत्रीय तनाव पहले से ही बना हुआ है. मई में जापान और फिलीपींस ने घोषणा की थी कि वे अपने विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) और महाद्वीपीय शेल्फ की समुद्री सीमा तय करने के लिए औपचारिक बातचीत शुरू करेंगे. इन क्षेत्रों के कुछ हिस्सों पर चीन भी अपना दावा करता है, इसलिए बीजिंग ने इसका विरोध किया है.
फैसला चीन से कोई सलाह-मशविरा किए बिना लिया
चीन के प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय के चाइना इंस्टीट्यूट फॉर मरीन अफेयर्स ने एक कानूनी राय जारी करते हुए कहा कि जापान और फिलीपींस ने यह फैसला चीन से कोई सलाह-मशविरा किए बिना लिया. चीन का दावा है कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय कानून, सहयोग की भावना और सद्भावना के सिद्धांतों का उल्लंघन करता है.
इसे भी पढ़ें. इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड में SC का बड़ा फैसला, मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत पर नहीं लगाई रोक