PoK के लोगों को इंसाफ दिलाने के लिए संयुक्त राष्ट्र में भारत ने उठाई आवाज, प्रदर्शन में हुई हत्याओं की निष्पक्ष जांच की मांग

Aarti Kushwaha
Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Must Read
Aarti Kushwaha
Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

India on pok UN: संयुक्त राष्ट्र में भारतीय राजनयिक अनुज स्वरूप ने गुरुवार को मानवाधिकार उच्चायुक्त के साथ संवादात्मक संवाद में UNGA की तीसरी समिति के 81वें सत्र में भारत का रुख रखा. इस दौरान उनका जोर खासतौर पर पाकिस्तान की तरफ से पीओके में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों पर रहा.

भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (Pok) की तरफ तवज्जो देने की अपील की है. साथ ही पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के आम लोगों पर गोली चलाकर हत्याओं करने के मामलों की निष्षक्ष जांच की मांग करने के अलावा हिरासत में लिए गए अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेताओं के लिए उचित कानूनी प्रक्रिया पर भी जोर दिया है.

अनुज स्वरूप के भाषण की मुख्य बातें

अनुज स्वरूप ने मानवाधिकार परिषद के सदस्य के रूप में भारत की रचनात्मक भागीदारी को बताते हुए उच्चायुक्त के साथ मिलकर काम करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया है. इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) के चयनात्मक रवैये और दोहरे मानदंडों के प्रति आगाह किया, जो बहुपक्षवाद में भरोसे को कम करते हैं.

रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने पाकिस्तान से कहा है कि वह इस बात पर विचार करे कि कैसे देश के बड़े हिस्सों में, खासकर उसके अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों (पीओके) में, मानवाधिकारों को कुचला जा रहा है. इतना ही नहीं, भारत ने पाकिस्तान के संबंध में OHCHR से एक रिपोर्ट की मांग की, जिसमें ये मुद्दे शामिल हों-

  • पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सुरक्षा बलों द्वारा की गई हत्याओं की निष्पक्ष जांच।
  • हिरासत में लिए गए अवामी एक्शन कमिटी के नेताओं के लिए उचित कानूनी प्रक्रिया।
  • पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट पर लगी पाबंदियों को हटाना

पीओके में प्रदर्शन

बता दें कि पीओके में बीते कुछ महीनों में लगातार प्रदर्शन देखे गए हैं. पाकिस्तानी आर्मी और सरकार पर बलपूर्वक आंदोलन का दमन करने के आरोप लगे हैं. ऐसे में ये मुद्दा दुनियाभर में गर्माया हुआ है. वहीं बीते महीने यूएन जनरल असेंबली वीक के दौरान न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र हेडक्वार्टर के बाहर कश्मीरी लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए पीओके में मानवाधिकारों के उल्लंघन के मामलों की अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की थी.

UN पहलै ही जता चुका है चिंता

इसके अलावा, संयुक्त राष्ट्र (UN) पहले ही पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की जा रही कठोर कार्रवाई पर चिंता जता चुका है। इस साल अगस्त में UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के डिप्टी प्रवक्ता फरहान हक ने कहा था कि यह महत्वपूर्ण है कि सभी प्राधिकरण हर जगह शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की अनुमति दें. पीओके में भी यह होना चाहिए.

Latest News

यूक्रेन के ऊर्जा क्षेत्र को तबाह कर रहा रूस, दबाव बनाने के ल‍िए ‘लिंडसे ग्राहम एक्ट’ अभी भी मददगार-जेलेंस्‍की

Kyiv: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा है क‍ि यूक्रेन के ऊर्जा क्षेत्र पर रूस ने शुक्रवार को...

More Articles Like This