पाकिस्तान को भारत ने UNSC में लताड़ा, कहा अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

India Pakistan: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में एक बार फिर से भारत ने पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाई. उसने कहा है कि पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान की जमीन पर किए गए सैन्य हवाई हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन हैं. इसके साथ ही भारत ने अफगानिस्तान में अपनी व्यापक मानवीय मदद को भी सामने रखा.

अफगानिस्तान की स्थिति पर हुई UNSC की बैठक में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत हरिश पार्वथानेनी ने बिना किसी नरमी के पाकिस्तान पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने रमजान के पवित्र महीने में नागरिकों की हत्या की है और उसके व्यवहार को “पाखंड का सबसे अच्छा उदाहरण” बताया. उन्होंने कहा कि “एक नरसंहार को सैन्य कार्रवाई का नाम देने से अपराधी निर्दोष नहीं हो जाता. नागरिकों को मारना, घायल करना और अनाथ बनाना आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई नहीं है.”

तीन महीनों में ही मारे गए 372 नागरिक

संयुक्त राष्ट्र की संस्था UNAMA के आंकड़ों का हवाला देते हुए भारत ने कहा कि साल 2026 के पहले तीन महीनों में ही 372 नागरिक मारे गए और 397 घायल हुए, जिनमें से कई रमजान के दौरान हुए. भारत ने अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के पूरी तरह पालन की मांग की और कहा कि सावधानी, भेदभाव और अनुपात जैसे नियमों का पालन होना चाहिए. साथ ही भारत ने UNAMA द्वारा स्वतंत्र जांच की मांग का समर्थन किया.

भारत ने पाकिस्तान पर अफगान व्यापार को जानबूझकर रोकने का भी आरोप लगाया और इसे “व्यापार और पारगमन आतंकवाद” कहा. भारत ने कहा कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान जैसे लैंडलॉक्ड देश को अपने रास्ते से निर्यात के लिए जमीन मार्ग नहीं दिया, जो विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों, संयुक्त राष्ट्र के लैंडलॉक्ड डेवलपिंग कंट्रीज के नियमों और UN चार्टर का उल्लंघन है. इसके जवाब में भारत ने अफगान वस्तुओं को शुल्क मुक्त (टैरिफ फ्री) बाजार पहुंच दी है और दोनों देशों के बीच एक एयर फ्रेट कॉरिडोर भी शुरू किया है. वर्ल्ड बैंक के अनुसार, भारत पहले से ही अफगानिस्तान के कुल निर्यात का 43 प्रतिशत हिस्सा खरीदता है.

अफगानिस्तान की मदद कर रहा भारत

मानवीय सहायता के मोर्चे पर, राजदूत पार्वथानेनी ने भारत की बड़ी मदद की जानकारी दी, जो अफगानिस्तान के सभी 34 प्रांतों में फैली है और 500 से ज्यादा विकास परियोजनाओं से जुड़ी है. ये परियोजनाएं स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और शिक्षा पर केंद्रित हैं. अगस्त 2021 के बाद से भारत ने 50,000 टन गेहूं, 420 टन दवाइयां और टीके, और 40,000 लीटर कीटनाशक भेजे हैं. अप्रैल 2026 में ही भारत ने तीन टन बाढ़ राहत सामग्री और 33 टन बीसीजी और टेटनस-डिप्थीरिया के टीके भेजे.

भारत ने स्वास्थ्य सेवाओं का भी जिक्र किया, जिसमें पक्तिका, खोस्त और पक्तिया में मातृत्व क्लीनिक, काबुल के इंदिरा गांधी बाल स्वास्थ्य संस्थान को अपग्रेड करना, और एक कैंसर अस्पताल, एक ट्रॉमा सेंटर और 30 बिस्तरों वाला अस्पताल बनाने की योजना शामिल है. राजदूत ने बताया कि जन्म से दिल की बीमारी वाले अफगान बच्चों का इलाज अब भारत में किया जा रहा है. थोड़े नरम कूटनीतिक अंदाज में भारत ने कहा कि वह अफगानिस्तान क्रिकेट टीम की द्विपक्षीय सीरीज की मेजबानी करेगा और खेल को “राष्ट्र की भावना को उठाने की दुर्लभ ताकत” बताया.

पाकिस्तान मतलब- नफरत का कारखाना

भारत ने पाकिस्तान पर राजनीतिक मोर्चे पर भी हमला जारी रखा. राजदूत पार्वथानेनी ने पाकिस्तान को “नफरत का संगठित कारखाना” कहा और बताया कि पाकिस्तान सरकार के आधिकारिक निर्देशों में अपने ही देश के भीतर कुछ समूहों को “फित्ना अल हिंदुस्तान” कहा जाता है. भारत ने इसे राज्य प्रायोजित झूठा प्रचार (स्टेट स्पॉन्सर्ड डिसइंफॉर्मेशन) बताया, जिसका मकसद देश के अंदर भारत के खिलाफ दुश्मनी बनाए रखना और अपनी राजनीतिक व आर्थिक विफलताओं से ध्यान हटाना है. उन्होंने पाकिस्तान के 27वें संविधान संशोधन को “लगभग सैन्य तख्तापलट जैसा” बताया.

साथ ही भारत ने UNAMA के काम को पूरा समर्थन दोहराया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कहा कि अफगानिस्तान के लिए सिर्फ सजा वाली नीति से आगे बढ़कर ऐसे कदम उठाए जाएं जो आम अफगानों की जिंदगी बेहतर करें और उन्हें और अलग-थलग न करें.

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