India-Pakistan Relation: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की महत्वपूर्ण बैठक चल रही है, जिसमें भारत के विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी आलोक डिमरी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल भी पहुंचा है. पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह किसी आधिकारिक भारतीय प्रतिनिधिमंडल की पहली पाकिस्तान यात्रा है. वहीं बैठक के दौरान डिमरी का अंदाज काफी सकारात्मक रहा, जो चर्चा में है.
दरअसल, पाकिस्तानी पत्रकारो से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें पहली बार पाकिस्तान आने का मौका मिला है और इस्लामाबाद आकर उन्हें बहुत खुशी हुई. उन्होंने कहा कि अभी उन्होंने सिर्फ इस्लामाबाद देखा है लेकिन उनकी इच्छा है कि वे लाहौर, फैसलाबाद और सियालकोट की भी यात्रा कर सकें. उनका यह बयान पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है.
क्यों पाकिस्तान में भारतीय प्रतिनिधिमंडल?
29 सितंबर को शुरू हुई राष्ट्रीय समन्वयकों की यह तीन दिवसीय बैठक ऐसे समय में हो रही है जब कुछ दिन पहले संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत और पाकिस्तान के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी. वहां भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए थे. इसके बावजूद एससीओ जैसे मंच पर दोनों देश शामिल हुए हैं. इतना ही नहीं, एक वीडियो में आलोक डिमरी को पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री इशाक डार से से हाथ मिलाते हुए भी देखा गया.
वहीं, बैठक को लेकर डिमरी ने कहा कि यह यात्रा यूरेशियाई और एशियाई देशों को एक मंच पर लाती है. सदस्य देशों ने अपनी भलाई, समृद्धि और कल्याण के लिए साझा एजेंडा तैयार किया है. उन्होंने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, व्यापार और ट्रांजिट को बहुत महत्वपूर्ण मुद्दा बताया.

