India-UK relations: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को एड मिलिबैंड को ब्रिटेन का नया विदेश मंत्री नियुक्त किए जाने पर बधाई दी. उन्होंने कहा कि वह भारत और ब्रिटेन के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए उनके साथ मिलकर काम करने को उत्सुक हैं. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि “एड मिलिबैंड को ब्रिटेन का विदेश मंत्री नियुक्त होने पर बधाई.
बता दें कि हाल के वर्षों में भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी ने मजबूत गति हासिल की है, जिसमें सीईटीए का लागू होना भी शामिल है. इस सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए उनके साथ काम करने की प्रतीक्षा में है.”
ऊर्जा क्षेत्र में निभाई अहम भूमिका
एड मिलिबैंड को सोमवार को ब्रिटेन के विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास मामलें के मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया. वह मई 2005 में डॉनकास्टर नॉर्थ निर्वाचन क्षेत्र से सांसद चुने गए थे. इससे पहले मिलिबैंड जुलाई 2024 से जुलाई 2026 तक ब्रिटेन के ऊर्जा सुरक्षा और नेट जीरो मंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं. मिलिबैंड इससे पहले 2007 में कैबिनेट ऑफिस मंत्री और 2008 से 2010 तक ऊर्जा एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भी रह चुके हैं. इस भूमिका में उन्होंने वर्ष 2008 के ऐतिहासिक ‘क्लाइमेट चेंज एक्ट’ को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके तहत ब्रिटेन दुनिया का पहला ऐसा देश बना जिसने जलवायु लक्ष्यों को कानूनी रूप दिया.
भारत-ब्रिटेन ऊर्जा संवाद की सह-अध्यक्षता भी की
उन्होंने विपक्षी लेबर पार्टी की शैडो कैबिनेट में भी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं. इनमें 2021 से 2024 तक ऊर्जा सुरक्षा और नेट ज़ीरो के शैडो मंत्री तथा 2020 से 2021 तक व्यापार, ऊर्जा और औद्योगिक रणनीति के शैडो मंत्री का पद शामिल था. मिलिबैंड वर्ष 2010 से 2015 तक लेबर पार्टी के नेता और ब्रिटिश संसद में विपक्ष के नेता भी रहे. पिछले वर्ष, जब वह ब्रिटेन के ऊर्जा सुरक्षा और नेट जीरो मंत्री थे, उन्होंने भारत के केंद्रीय ऊर्जा एवं आवास तथा शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल के साथ चौथे भारत-ब्रिटेन ऊर्जा संवाद की सह-अध्यक्षता की थी. इस दौरान दोनों देशों के ऊर्जा क्षेत्र, विशेष रूप से बिजली और नवीकरणीय ऊर्जा में हुई प्रगति की समीक्षा की गई.
यूके-इंडिया ऑफशोर विंड टास्कफोर्स की स्थापना का ऐलान
दोनों देशों ने समुद्री पवन ऊर्जा के विकास को आगे बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता जताते हुए यूके-इंडिया ऑफशोर विंड टास्कफोर्स की स्थापना का ऐलान किया था. यह टास्कफोर्स दोनों देशों में समुद्री पवन ऊर्जा से जुड़े इकोसिस्टम, सप्लाई चेन और वित्तीय मॉडल के विकास पर काम कर रही है. बैठक के दौरान समुद्री पवन ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन से जुड़े व्यापार मिशनों की प्रगति और ब्रिटेन की एनर्जी सिस्टम्स कैटापल्ट और भारत की पावर ट्रेडिंग कॉरपोरेशन के बीच सहयोग पर भी चर्चा हुई. एड मिलिबैंड की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार, ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन और रणनीतिक साझेदारी जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ रहा है.

