New Delhi: भारतीय वायुसेना को वैश्विक स्तर पर बड़ी कामयाबी मिली है. चीन को पछाड़ते हुए ग्लोबल रेटिंग में भारतीय वायुसेना को दुनिया की तीसरी सबसे ताकतवर स्वतंत्र वायुसेना चुना गया है. इस रैंकिंग में भारत को 69.4 की ट्रू वैल्यू रेटिंग मिली है. इसी के दम पर भारत ने अपने पड़ोसी देश चीन को भी पछाड़ दिया है. चीन की वायुसेना को 63.8 का स्कोर मिला है और वह चौथे स्थान पर है.
सिर्फ ज्यादा लड़ाकू विमान होना ही ताकत की पहचान नहीं
इससे साफ होता है कि सिर्फ ज्यादा लड़ाकू विमान होना ही ताकत की पहचान नहीं है. असली ताकत इस बात में है कि वायुसेना कितनी आधुनिक और बैलेंस है. हर समय युद्ध के लिए तैयार है. यह वैश्विक रैंकिंग एक खास वैल्यूएशन सिस्टम के आधार पर तैयार की गई है. इसमें लड़ाकू विमानों की संख्या के साथ-साथ उनकी आधुनिक तकनीक और रखरखाव को मायने रखता है.
पूरे बेड़े के संतुलन को भी अहम माना
इसके अलावा लॉजिस्टिक सपोर्ट, ट्रेनिंग और पूरे बेड़े के संतुलन को भी अहम माना जाता है. भारतीय वायुसेना के पास आधुनिक लड़ाकू विमान, परिवहन विमान और हेलीकॉप्टरों का संतुलित बेड़ा है. इससे विमानों का बेहतर रखरखाव, पायलटों की प्रभावी ट्रेनिंग और जरूरत पड़ने पर तेजी से कार्रवाई करना आसान होता है. पिछले कुछ सालों में नए लड़ाकू विमानों और अत्याधुनिक हेलीकॉप्टरों को शामिल करने के साथ-साथ पुराने विमानों को भी लगातार अपग्रेड किया गया है.
भारतीय वायुसेना और अधिक मजबूत
यही रणनीति भारतीय वायुसेना को और अधिक मजबूत बना रही है. देश की हवाई सुरक्षा को नई ऊंचाई दे रही है. इस लिस्ट में सबसे टॉप पर अमेरिका की वायुसेना है, जिसने 242.9 का सबसे ज्यादा स्कोर हासिल किया है. अमेरिकी वायुसेना के पास हर तरह के आधुनिक विमानों का एक बेहतरीन बैलेंस है. उनकी संख्या भी बहुत ज्यादा है. अमेरिका के ज्यादातर विमान उसके अपने देश में ही बनते हैं.
लिस्ट में दुनिया भर के 103 देश शामिल
डब्ल्युडीएमएमए की इस मौजूदा लिस्ट में दुनिया भर के 103 देशों को शामिल किया गया है. इसमें केवल मुख्य वायुसेना ही नहीं, बल्कि विभिन्न देशों की थल सेना, नौसेना और मरीन कोर की हवाई टुकड़ियां शामिल हैं. कुल मिलाकर 129 एयर सर्विसेज के 48 सैन्य विमानों की ताकत को मापा गया है.
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