ईरान में राष्‍ट्रपति से छीनी सत्ता, IRGC ले सभी बड़े फैसले, मुजतबा खामेनेई पर बना सस्पेंस

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Iran Army IRG: इजरायल और अमेरिका से युद्ध के बीच ईरान में शासन की कमान अब इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अपने हाथों में ले ली है. ‘ईरान इंटरनेशनल’ न्‍यूज के सूत्राें के मुताबिक, राष्‍ट्रपति मसूद पेजेश्कियन को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया है. राष्‍ट्रपति पेजेश्कियन के द्वारा की गई नियुक्तियों और बड़े निर्णयों पर रोक लगा दी गई है. IRGC अब ईरान की केंद्र सत्‍ता के आसपास किसी को भी आने नहीं दे रही है.

ईरानी रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की सैन्य बल IRGC ने युद्ध के दौरान बने दबाव के बीच केंद्र शासन के शक्तिशाली पदों पर दबदबा बना लिया है. बता देंं कि बीते गुरुवार को राष्‍ट्रपति पेजेश्कियन ने एक नया खुफिया मंत्री नियुक्त करना चाहा था, लेकिन IRGC ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया, लेकिन इसके पीछे की वजहाे काे नही बताया गया. आईआरजीसी के मुख्य कमांडर अहमद वाहिदी ने हुसैन देहगान कई उम्मीदवारों को खारिज कर दिया, जिनकी नियुक्ति उच्‍च पदों पर होनी थी. बताया जा रहा है कि IRGC के वरिष्ठ अधिकारियों की एक ‘सैन्य परिषद’ बनाई गई है, जो सभी अहम फैसले ले रही है.

ताजपोशी के बाद से गायब मुजतबा खामेनेई

दरअसल, ईरान सर्वोच्‍च नेता मुजतबा खामेनेई ताजपोशी के बाद से गायब हैं. जंग को 30 दिन से ज्‍यादा हो गए हैं, लेकिन इस दौरान मुजतबा का कोई वीडियो बाहर नहीं आया है. अमेरिका ने तो यहां तक दावा कर दिया है कि मुजतबा खामेनेई की मौत हो चुकी है. ईरानी मीडिया ने भी माना है कि मुजतबा खामेनेई चोटिल हैं. ऐसे में वाहिदी ही ईरान में इस समय सबसे ताकतवार शख्‍स के रूप में खड़े नजर आ रहा हैं. ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, वाहिदी ने युद्ध की स्थितियों के दौरान नेतृत्व की अहम भूमिकाएं IRGC की निगरानी में ही रहे, ऐसी व्‍यवस्‍था कर रखी है. इसलिए राष्ट्रपति अपने पसंदीदा उम्मीदवार को नियुक्त नहीं कर पा रहे हैं.

ईरान की राजनीतिक व्यवस्था के तहत राष्ट्रपति पारंपरिक रूप से खुफिया मंत्रियों को तब नामित करते हैं, जब उन्हें सर्वोच्च नेता से मंजूरी मिल जाती है. लेकिन ईरान के सर्वोच्‍च नेता मुजतबा खामेनेई ताजपोशी के बाद से ‘गायब’ हैं.

मुजतबा से नहीं मिल पा रहेंं राष्‍ट्रपति पेजेश्कियन

बता दें कि ईरान में हालात ये हैं राष्ट्रपति पेजेश्कियन चाहकर भी पिछले काफी समय से मुजतबा खामेनेई से मिल नहीं पा रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने पिछले कुछ दिनों में मुजतबा से मिलने की बहुत कोशिश की, लेकिन उन्‍हें मिलने नहीं दिया जा रहा है.

IRGC के उच्‍च अधिकारी सर्वोच्‍च लीडर के ऑफिस को मैनेज कर रहे हैं. ऐसे में यह कह पाना मुश्किल है कि आदेश सुप्रीम लीडर से आ रहे हैं या IRGC से. यह भी कहा जा रहा है कि सर्वोच्च नेता के कार्यालय में एक प्रभावशाली सुरक्षा अधिकारी अली असगर हेजाजी को पद से हटाने की कोशिश हो रही है. खबरों के मुताबिक, हेजाजी ने चेतावनी दी थी कि मुजतबा को उच्च पद देने से देश का पूरा नियंत्रण प्रभावी रूप से आईआरजीसी के हाथों में चला जाएगा और नागरिक संस्थाएं हमेशा के लिए हाशिए पर चली जाएंगी. क्‍या अब यही हो रहा है.

 

Latest News

Mahavir Jayanti 2026: दिल्ली विधानसभा में मनाई गई भगवान महावीर की 2625वीं जयंती, CM रेखा गुप्ता समेत कई दिग्गज हुए शामिल

दिल्ली विधानसभा में भगवान महावीर की 2625वीं जयंती पर भव्य समारोह आयोजित हुआ, जिसमें कई प्रमुख नेताओं और संतों ने भाग लिया.

More Articles Like This

Exit mobile version