अमेरिकी हमले में 11 की मौत, भड़का ईरान; संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से की हस्तक्षेप की मांग

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

UN Security Council: ईरान  विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने बंदर अब्बास के इलाकों को निशाना बनाकर की गई अमेरिकी सैन्य आक्रामकता की कड़ी निंदा की है. उन्होंने कहा कि ये कार्रवाई “अंतर्राष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का घोर उल्लंघन” है और उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से अपनी “कानूनी जिम्मेदारी” निभाने और अमेरिकी हमलावरों को जवाबदेह ठहराने का आह्वान किया.

ओमान पर ट्रंप के बयान की निंदा की

ईरान प्रवक्ता बाकाई ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के अनुरूप, ईरान के “अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए सभी आवश्यक उपाय करने” के संकल्प की पुष्टि की. साथ ही ईरान और अन्य क्षेत्रीय देशों के प्रति अमेरिकी अधिकारियों द्वारा दी गई धमकियों और बयानबाजी की निंदा की. इतना ही नहीं, उन्होंने मस्कट के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए, ओमान को नष्ट करने वाले अमेरिकी धमकियों की भी निंदा की.

बता दें कि ओमान संयुक्त राष्ट्र का सदस्य देश है, जिसने क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा में लगातार “रचनात्मक, प्रभावी और जिम्मेदार भूमिका” निभाई है और राजनयिक प्रक्रियाओं में मध्यस्थ के रूप में कार्य किया है. दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति ने धमकी दी थी कि यदि ओमान होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला नहीं रखता है, तो उसे उड़ा देने की धमकी दी. इस्माइल बाकाई ने कहा कि ऐसी धमकियां बल के प्रयोग या धमकी को प्रतिबंधित करने वाले मूलभूत सिद्धांत का उल्लंघन करती हैं और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में “अराजकता और दादागिरी के सामान्यीकरण” की ओर एक खतरनाक प्रवृत्ति का संकेत देती हैं.

लेबनान में इजरायली हमलों में 11 लोगों की मौत

इसी बीच, लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देश के दक्षिणी हिस्से में इजरायली हमलों में 11 लोग मारे गए, जिनमें दो बच्चे शामिल हैं, जबकि 21 अन्य लोग घायल हुए है. मंत्रालय ने कहा कि सिदोन शहर में एक इमारत पर हुए हवाई हमले में दो महिलाओं सहित पांच लोग मारे गए और 21 लोग घायल हुए, जिनमें पांच बच्चे शामिल हैं. एक अन्य बयान में मंत्रालय ने कहा कि “आज तड़के सिदोन जिले के अदलून कस्बे में एक वाहन को निशाना बनाकर किए गए इजरायली हमले में दो बच्चों, उनकी मां और उनके पिता सहित छह लोग शहीद हो गए.”

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