New Delhi: ईरान में देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन तेज हो गया है. अब तक इन प्रदर्शनों में 30 से अधिक लोगों की मौत की खबर है और हजारों गिरफ्तारियां हुई हैं. हालांकि सरकार ने आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं किए हैं. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में प्रदर्शनकारी ईरानी झंडे गिराते और फाड़ते दिखाई दे रहे हैं. इसी बीच न्यायपालिका प्रमुख घोलामहोसैन मोहसनी एजई ने कहा है कि अमेरिका और इज़रायल ईरान में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. अब जो भी दुश्मन की मदद करेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा.
दंगे करने वालों के पास कोई बहाना नहीं
एजई ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक के खिलाफ दुश्मन की मदद करने वालों के लिए अब कोई नरमी नहीं बरती जाएगी. इज़रायल और अमेरिकी राष्ट्रपति के बयानों के बाद सड़कों पर उतरकर दंगे करने वालों के पास कोई बहाना नहीं है. यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि यदि तेहरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को हिंसा से कुचलता है तो अमेरिका हस्तक्षेप करेगा.
अमेरिका पूरी तरह तैयार
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका पूरी तरह तैयार है. वहीं इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए कहा कि ईरानी अपने भविष्य का फैसला खुद कर सकते हैं. ईरान इस समय पिछले तीन वर्षों के सबसे बड़े विरोध-प्रदर्शनों का सामना कर रहा है. इसकी शुरुआत पिछले महीने तेहरान के ऐतिहासिक ग्रैंड बाज़ार से हुई, जहां व्यापारियों ने ईरानी रियाल की तेज़ गिरावट के विरोध में दुकानें बंद कर दी थीं.
ईरान ज्यादा निर्णायक देगा जवाब
इसके बाद महंगाई, पश्चिमी प्रतिबंधों, प्रशासनिक कुप्रबंधन और राजनीतिक-सामाजिक पाबंदियों के खिलाफ गुस्सा देशभर में फैल गया. एजई के बयान के बाद ईरानी सेना प्रमुख मेजर जनरल अमीर हातमी ने भी सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान किसी भी आक्रामकता का पहले से भी ज्यादा निर्णायक जवाब देगा. उन्होंने कहा कि अगर दुश्मन ने गलती की तो उसका हाथ काट दिया जाएगा.
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