Tehran: कतर का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल रविवार को तेहरान पहुंचा है. यह प्रतिनिधिमंडल ईरान और अमेरिका के बीच चल रही कूटनीतिक कोशिशों को सकारात्मक रूप देना चाहता है. इसी इरादे से वह वहां पहुंचा हुआ है. यह दौरा पिछले हफ्ते हुई वार्ताओं के बाद द्विपक्षीय बातचीत को आगे बढ़ाने और राजनयिक प्रक्रिया में आई प्रगति की समीक्षा करने के उद्देश्य से किया जा रहा है. वहीं, ईरान के कट्टरपंथी धड़ों ने भी चर्चा में मौजूद कुछ प्रस्तावों और शर्तों का विरोध किया है.
मध्यस्थता दल का नेतृत्व
ईरानी समाचार एजेंसी आईएसएनए ने बताया कि मध्यस्थता दल का नेतृत्व कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसीम अल थानी के एक वरिष्ठ सलाहकार कर रहे हैं. वहीं, तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल का मुख्य उद्देश्य वार्ता प्रक्रिया से जुड़े नवीनतम घटनाक्रमों पर चर्चा करना है. इस बीच मामले से परिचित एक सूत्र ने रॉयटर्स को बताया कि कतर का यह मिशन संघर्ष समाप्त करने के लिए प्रस्तावित समझौते की अंतिम स्वीकृति हासिल करने के प्रयास का हिस्सा है.
तेहरान इस समझौते को मंजूरी दे
दोहा चाहता है कि तेहरान इस समझौते को मंजूरी दे, जिससे महीनों से जारी संघर्ष और उससे पैदा हुई क्षेत्रीय अस्थिरता का अंत हो सके. कूटनीतिक गतिविधियों में तेजी ऐसे समय में देखी जा रही है जब वाशिंगटन और इस्लामाबाद दोनों ने संकेत दिए हैं कि एक रूपरेखा समझौते पर जल्द, संभवतः रविवार को ही हस्ताक्षर किए जा सकते हैं. यदि ऐसा होता है, तो लगभग चार महीने से जारी सैन्य तनाव, आर्थिक अनिश्चितता और क्षेत्रीय संकट को कम करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा.
समझौते को लेकर अभी भी कई सवाल
हालांकि, समझौते को लेकर अभी भी कई सवाल बने हुए हैं. ईरानी अधिकारियों ने संभावित समयसीमा पर संदेह व्यक्त किया है. कहा है कि वार्ता अभी निर्णायक चरण में नहीं पहुंची है. वहीं, ईरान के कट्टरपंथी धड़ों ने भी चर्चा में मौजूद कुछ प्रस्तावों और शर्तों का विरोध किया है. उनका तर्क है कि किसी भी समझौते में ईरान के रणनीतिक और सुरक्षा हितों से समझौता नहीं किया जाना चाहिए.
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