Iran-US Deal: स्विट्जरलैंड में चल रही उच्चस्तरीय वार्ता में तनाव तब और बढ़ गया जब ट्रंप ने एक टीवी इंटरव्यू में ईरान को कड़ी चेतावनी दी. ट्रंप ने कहा कि अगर समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका दोबारा सैन्य कार्रवाई कर सकता है और होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश कर सकता है. उनके इस बयान से ईरानी प्रतिनिधिमंडल में नाराजगी देखी गई.
च्चस्तरीय वार्ता का पहला दिन समाप्त
उधर, अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में चल रही उच्चस्तरीय वार्ता का पहला दिन समाप्त हो गया है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर मतभेद अब भी बने हुए हैं. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार बातचीत जारी है और इसके रात भर चलने की संभावना है. हालांकि ईरान का कहना है कि वार्ता की रफ्तार धीमी पड़ गई है, लेकिन बातचीत पूरी तरह टूटी नहीं है.
वार्ता का सबसे संवेदनशील मुद्दा
होर्मुज जलडमरूमध्य इस वार्ता का सबसे संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है. हाल ही में दोनों देशों ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को फिर से खोलने के लिए एक प्रारंभिक समझौता किया था, लेकिन इसके बावजूद तनाव कम नहीं हुआ है. ईरान का कहना है कि उसकी सुरक्षा और आर्थिक मांगों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, जबकि अमेरिका जलमार्ग में निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना चाहता है.
वार्ता में ठोस प्रगति मुश्किल
लेबनान का संघर्ष भी बातचीत में बड़ी बाधा बना हुआ है. ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक लेबनान में इजराइली हमले नहीं रुकते, तब तक वार्ता में ठोस प्रगति मुश्किल होगी. दूसरी ओर इजराइल ने अपने रुख में कोई नरमी नहीं दिखाई है. इजराइली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा है कि दक्षिणी लेबनान में इजराइली सेना तब तक बनी रहेगी, जब तक उसे जरूरी समझा जाएगा. वहीं हिजबुल्लाह ने संघर्षविराम के किसी भी उल्लंघन का जवाब देने की चेतावनी दी है.
इसे भी पढ़ें. ‘हम ट्रंप के इशारे पर काम नहीं करते’, लेबनान से सेना हटाने से नेतन्याहू ने किया इनकार

