चीन की लाइफलाइन खत्म करेंगे ट्रंप! हॉर्मुज के बाद अब इस समुद्री रास्ते पर टेड़ी नजर

Must Read

Iran-US Talks : मिडिल ईस्ट में मौजूद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर अब एक नया मामला सामने आया है, जिसने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है. जानकारी के मुताबिक, अमेरिका ईरान से जुड़े समुद्री रास्तों पर दबाव बढ़ा रहा है, साथ ही अब उसकी नजर एक और अहम समुद्री रास्ते मलक्का स्ट्रेट पर भी है. बता दें कि कुछ ही दिनों पहले अमेरिका और इंडोनेशिया के बीच एक नया रक्षा समझौता हुआ है. इस समझौते के तहत अमेरिकी सैन्य विमान अब इंडोनेशिया के हवाई क्षेत्र का ज्यादा इस्तेमाल कर सकेंगे.

प्राप्‍त जानकारी के अनुसार मलक्का स्ट्रेट एक बहुत ही अहम समुद्री रास्ता है, जो कि हिंद महासागर को पूर्वी एशिया से जोड़ता है. बता दें कि इस रास्ते से दुनिया का बड़ा हिस्सा व्यापार गुजरता है. यहां से तेल के साथ इलेक्ट्रॉनिक सामान, मशीनें और कई जरूरी चीजें भी एक जगह से दूसरी जगह पहुंचती हैं.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तेल के लिए ज्यादा अहम

ऐसे में अगर तुलना करें तो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तेल के लिए ज्यादा अहम है, जबकि मलक्का स्ट्रेट पूरे व्यापार के लिए एक बड़ी लाइफलाइन की तरह काम करता है. विशेष रूप से चीन जैसे देशों के लिए यह रास्ता बहुत जरूरी है, माना जाता है कि उसकी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से आता है. यही कारण है कि चीन इसे अपनी कमजोरी के रूप में भी देखता है, जिसे मलक्का डाइलेमा कहा जाता है. मीडिया रिपोर्ट के दौरान अमेरिका भले ही इस रास्ते पर सीधे तौर पर ज्यादा निर्भर नहीं है, लेकिन वह इसे रणनीतिक नजर से देखता है.

भारत की भूमिका भी काफी अहम

बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले में भारत की भूमिका भी काफी अहम है. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह मलक्का स्ट्रेट के पास स्थित है, इस वजह से इस पर नजर रखना भारत के लिए काफी आसान है. यहां मौजूद सैन्य ठिकाने, खासकर कैंपबेल बे एयर स्टेशन, समुद्री गतिविधियों पर नजर रखने में मदद करते हैं. जानकारी के मुताबिक, भारत धीरे-धीरे इस क्षेत्र में अपनी ताकत बढ़ा रहा है. इस दौरान ऐसा माना जा रहा है कि आगे चलकर चीन के प्रभाव को संतुलित करने के लिए अमेरिका और भारत के बीच इस क्षेत्र को लेकर सहयोग बढ़ सकता है.

सिंगापुर का इस क्षेत्र में खास महत्व

बता दें कि अमेरिका के लिए मलक्का स्ट्रेट में दबदबा बढ़ाना आसान नहीं होगा. क्‍योंकि इस रास्ते को इंडोनेशिया, मलेशिया और सिंगापुर मिलकर संभालते हैं और इन देशों के लिए अपनी सीमा और अधिकार बहुत महत्वपूर्ण हैं. बता दें कि सिंगापुर का इस क्षेत्र में खास महत्व है, क्योंकि उसका बंदरगाह और समुद्री सेवाएं दुनिया में बहुत आगे हैं. साथ ही उसकी अर्थव्यवस्था भी काफी हद तक समुद्री व्यापार पर निर्भर करती है, इसलिए यहां स्थिरता बनाए रखना उसके लिए जरूरी है. इसके साथ ही अमेरिका की यह नई रणनीति यह दिखाती है कि वह सिर्फ एक नहीं, बल्कि कई अहम समुद्री रास्तों पर एक साथ पकड़ मजबूत करना चाहता है.

इसे भी पढ़ें :- ईरान से बातचीत को लेकर ट्रंप का बड़ा बयान, अगले दिन दिन में PAK में फिर हो सकती है वार्ता

Latest News

कैंसर के शुरुआती रिस्क पैटर्न का पता लगाने में AI सक्षम, अध्ययन में हुआ खुलासा

नई स्टडी में पाया गया कि एआई की मदद से मेलानोमा कैंसर के शुरुआती जोखिम की पहचान 73% तक सटीकता से संभव है.

More Articles Like This