Iran-US War: ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमले लगातार बढ़ते जा रहे है, हालांकि ईरान भी पीछे हटने का नाम नहीं ले रहा है. कहीं मिसाइलें तो कहीं ड्रोन, ऐसा ही मंजर इन दिनों मिडिल ईस्ट में देखने को मिल रहा है. ईरान ने तेहरान और बेरूत में किए गए ईरानी हमलों का मुंहतोड़ जवाब दे रहा है, उनसे बहरीन में इजरायली दूतावास को निशाना बनाया है. ये दावा ईरानी मीडिया रिपोर्टों में किया गया है.
वहीं, सऊदी अरब ने दावा किया है कि उनके प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर 3 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं गईं, लेकिन उन्होंने सभी को हवा में ही रोक दिया. बता दें कि ईरानी के जवाबी हमलों के बाद अमेरिका ने कुवैत में अपना दूतावास बंद कर दिया है. दरअसल, कुवैत में रविवार को एक ईरानी ड्रोन हमले में छह अमेरिकी सैनिक मारे गए थे.
हमले के बीच गहराया तेल संकट
इस बीच तेल संकट भी गहरा गया है. वैश्विक तेल बाजार पर दबाव कम करने के लिए अमेरिका ने समुद्र में फंसे रूसी तेल को भारत को बेचने की अनुमति देने के लिए 30 दिनों की अस्थायी छूट जारी की है.
लेबनान पर करनी होगी कार्रवाई
वहीं इंडिगो एयरलाइन 6 मार्च को मिडिल ईस्ट के 8 शहरों के लिए फ्लाइट्स चलाएगी. युद्ध के बीच फ्रांस के राष्ट्रपति का कहना है कि लेबनान पर हमें कार्रवाई करनी होगी. उन्होंने कहा कि फ्रांस के पास मौजूद इस देश को दोबारा युद्ध में घसीटे जाने से रोकने के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए. मिडिल ईस्ट के अन्य लोगों की तरह ही लेबनानी लोगों को भी शांति और सुरक्षा का अधिकार है.
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