अमेरिकी सेना की ईरान के खिलाफ हमलों की दूसरी लहर, डेढ़ घंटे तक बरसाए मिसाइल

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Iran US War: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर से हमलों का दौर शुरू हो चुका है. दोनो देश लगातार एक दूसरे पर हमले कर रहीं है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने गुरुवार की सुबह (भारतीय समयानुसार) कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान पर स्थानीय समयानुसार बुधवार को 90 मिनट तक ताबड़तोड़ हमले किए.

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक्स पर हमले की जानकारी साझा करते हुए लिखा कि “दोपहर 3 बजे (स्थानीय समय) पर अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ हमलों की दूसरी लहर के लिए ऑपरेशन शुरू किया, इस दौरान ईरानी सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया जा रहा है, जिनका इस्तेमाल होर्मुज स्ट्रेट से आसानी से गुजरने वाले जहाजों को धमकाने के लिए किया जाता है.”

अमेरिका ने 90 मिनट तक दागे मिसाइल

न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा था कि उसने सुबह 6 बजे ईस्टर्न टाइम पर ईरान के खिलाफ हमलों का दौर शुरू किया था. अमेरिका ने ईरान पर 90 मिनट तक हमले किए. इस दौरान अमेरिकी सेना ने ग्रेटर टुंब आइलैंड में कोस्टल डिफेंस सिस्टम और क्रूज मिसाइल स्टोरेज और लॉन्च साइट्स पर सटीक हमले किए. हालांकि, ईरान ने भी अमेरिकी हमलों का मुंहतोड़ जवाब दिया.

दरअसल, ईरान खाड़ी देशों में अमेरिकी संपत्तियों और बेसों को निशाना बना रहा है. ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने बुधवार को कहा कि उसने बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले किए, जिसमें उनके सैन्य इंफ्रास्ट्रक्चर, एयरक्राफ्ट शेल्टर, खास कमांड सेंटर और रणनीतिक ड्रोन पर हमला शामिल है.  उसकी एयरोस्पेस फोर्स ने ईरान के खिलाफ अमेरिका के नए हमले के जवाब में जॉर्डन के अल-अजराक में अमेरिकी सैन्य बेस को निशाना बनाया.

ईरान ने जॉर्डन के लोगों से की ये अपील 

ईरानी मीडिया आईआरएनए ने बताया कि हमले में वे शेल्टर तबाह हो गए जिनमें यूएस एफ-15, एफ-16 और एफ-35 फाइटर जेट और बेस पर तैनात कई एमक्यू-9 रणनीतिक ड्रोन थे. आईआरजीसी का दावा है कि जॉर्डन में अमेरिकी बेस से ईरान के खिलाफ काफी हमले किए गए. हमलों के बाद ईरान ने जॉर्डन के लोगों से अपने देश में अमेरिकी फोर्स की मौजूदगी खत्म करने और अपने इलाके को इस्लामिक देशों और फिलिस्तीनी लोगों के खिलाफ हमलों के लिए लॉन्चपैड के तौर पर इस्तेमाल होने से रोकने की अपील की है.  ​

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