Tehran: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा है कि तेहरान परमाणु हथियार के पक्ष में नहीं है. उनका देश अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम का किसी भी तरह का निरीक्षण कराने को तैयार है. पेजेशकियन ने ये भी कहा कि ईरान इस मामले में ज्यादा मांगों के आगे नहीं झुकेगा. ईरान की इस्लामिक क्रांति की 47वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि हम न्यूक्लियर वेपन हासिल नहीं करना चाहते.
किसी भी तरह के सत्यापन के लिए तैयार
हमने यह बार-बार कहा है और किसी भी तरह के सत्यापन के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिका और यूरोप ने अपनी बातों और बयानबाजी से संदेह की ऊंची दीवार खड़ी कर दी है, जिससे बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकल रहा है. पेजेशकियन बोले कि हमारा देश ईरान उनकी ज्यादा मांगों के आगे नहीं झुकेगा.
पड़ोसी देशों के साथ बातचीत जारी
हमारा ईरान हमले के आगे नहीं झुकेगा, लेकिन हम इस इलाके में शांति और सुकून कायम करने के लिए पड़ोसी देशों के साथ पूरी ताकत से बातचीत जारी रखे हुए हैं. बीते साल हुए विरोध-प्रदर्शन को याद करते हुए पेजेशकियन ने कहा कि आज दुनिया को यह देखना चाहिए कि ईरान के लोग अपनी क्रांति को बचाने, नेतृत्व के साथ चलने और मूल्यवान जन्मभूमि की रक्षा करने के लिए लाखों की संख्या में सामने आए हैं.
विद्रोह का मकसद न्याय स्थापित करना
राष्ट्रपति ने इस आजादी के मायने समझाते हुए कहा कि 1979 के लोकप्रिय विद्रोह का मकसद न्याय स्थापित करना, ईरान की आजादी की रक्षा करना और यह दिखाना था कि ईरानी और मुसलमान अपनी ताकत, पक्के इरादे, ज्ञान और कला से अपना देश बना सकते हैं और सम्मान और आजादी ला सकते हैं.
प्रशासनिक कमियों के लिए माफी मांगी
देशवासियों से प्रशासनिक कमियों और खामियों के लिए लोगों से माफी मांगी. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार समस्याओं को हल करने के लिए पक्के इरादे से काम कर रही है. भरोसा जताया कि भगवान की मदद और क्रांति के लीडर अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई के समझदारी भरे मार्गदर्शन से यह सफल होगा.
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