इजरायल में संसदीय चुनाव के लिए वोटिंग शुरू, पूर्व सेना प्रमुख आइजनकोट से होगा नेतन्याहू का मुकाबला

Tel Aviv: इजरायल में मंगलवार को संसदीय चुनाव के लिए वोटिंग शुरू हो गई है. 73 लाख लोग अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. जिनमें से 5 लाख से अधिक युवा पहली बार अपना वोट डालेंगे. वर्तमान प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का मुकाबला पूर्व सेना प्रमुख आइजनकोट से है. दोनों सेना से जुड़े रहे हैं और अपने करीबी जनों को जंग में खो चुके हैं. नेतन्याहू ने भाई योनातन को 1976 में युगांडा के एंटेबे में बंधकों को छुड़ाने के अभियान में मारे गए तो 7 अक्टूबर के हमास हमलों में आइजनकोट ने अपना बेटा खोया.

ओपिनियन पोल में आइजनकोट गठबंधन को ज्यादा सीटें

इस बीच इजरायल से जो तस्वीर आ रही है उसके मुताबिक छह में से चार ओपिनियन पोल में आइजनकोट गठबंधन को ज्यादा सीटें दी गई हैं. वहीं नेतन्याहू के गठबंधन को एक में बढ़त और दूसरे में बहुमत मिलती दिख रही है. बात करें इजरायली संसद की तो यहां कुल 120 सीटें हैं. सरकार बनाने के लिए कम से कम 61 सीटों की जरूरत होती है. देश के 76 साल के इतिहास में आज तक किसी भी राजनीतिक पार्टी ने अपने दम पर बहुमत हासिल नहीं किया है. इजरायली दूतावास की प्रवक्ता मिशेल सिरोटा ने बताया कि इजरायल में लोग किसी व्यक्ति को नहीं बल्कि पार्टी को चुनते हैं.

कम वोट मिलने पर दल को संसद में कोई सीट नहीं मिलती

चुनाव से पहले हर दल अपने दावेदारों की एक सूची बनाता है. पूरे देश में पार्टी को मिले वोटों के आधार पर तय होता है कि उसे संसद में कितनी सीटें मिलेंगी. इजरायल की चुनावी प्रक्रिया ऐसी है कि किसी पार्टी को कुल वैध वोटों में से 3.25 फीसदी वोट हासिल करने होते हैं. इससे कम वोट मिलने पर दल को संसद में कोई सीट नहीं मिलती. मतों की गिनती के बाद राष्ट्रपति तय करेंगे कि किस पार्टी को गठबंधन बनाने का मौका दिया जाए. उनके पास गठबंधन बनाने और आम सहमति जुटाने के लिए 28 दिन का समय होगा.

दूसरी सबसे बड़ी पार्टी को गठबंधन बनाने का मौका

28 दिनों के बीच वे अन्य पार्टियों को अपने साथ गठबंधन में शामिल होने के लिए मना सकते हैं. अगर वे सफल नहीं होते हैं, तो दूसरी सबसे बड़ी पार्टी को गठबंधन बनाने का मौका मिलेगा और अगर ऐसा भी नहीं हो पाता है, तो 90 दिनों के भीतर फिर से मतदान होगा. 7 अक्टूबर 2023 के बाद शुरू हुए तीन साल के क्षेत्रीय युद्धों के साए में इजरायली नागरिक वोट डालेंगे. लोगों के लिए आंतरिक सुरक्षा, हरेदी समुदायों को सैन्य मामलों में विशेष छूट जैसे मुद्दे अहम हैं.

इसे भी पढ़ें. बंगाल में मुठभेड़ः पुलिस ने नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के आरोपी को किया ढेर

Latest News

जम्मू-कश्मीर में मंत्रिमंडल विस्तारः चार नए मंत्रियों ने ली शपथ, LG मनोज सिन्हा ने की अध्यक्षता

Jammu-Kashmir cabinet expansion: आज श्रीनगर के लोक भवन में जम्मू-कश्मीर में मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ. शपथ ग्रहण समारोह की...

More Articles Like This

Exit mobile version