जेलेंस्की से मुलाकात के बाद मेलोनी ने दिया बड़ा बयान, बोली- भारत-चीन रुकवा सकते हैं रूस-यूक्रेन युद्ध

Shubham Tiwari
Sub Editor The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Russia Ukraine War: रूस-यूक्रेन के बीच छिड़ा जंग थमने का नाम नहीं ले रहा है. दोनों देश एक दूसरे पर ताबड़तोड़ हमले कर रहे हैं. इस बीच युद्ध को रुकवाने को लेकर इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष के समाधान में भारत और चीन भूमिका निभा सकते हैं.

जानिए क्या बोली मेलोनी…!

दरअसल, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात के बाद जार्जिया मेलोनी ने रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त कराने में भारत की भूमिका पर जोर दिया है. उन्होंने शनिवार को एक बयान के दौरान भारत और चीन की रूस-यूक्रेन युद्ध रुकवाने में अहम भूमिका की बात कही. उन्होंने कहा कि ‘‘मेरा मानना ​​है कि संघर्ष के समाधान में चीन और भारत की भूमिका होनी चाहिए. एकमात्र ऐसी चीज जो नहीं हो सकती, वह यह सोचना है कि यूक्रेन को अकेला छोड़कर संघर्ष का हल निकाला जा सकता है.’’

ज्ञात हो कि इटली के पीएम का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बृहस्पतिवार को भारत का नाम उन तीन देशों में शामिल किया, जिनके साथ वह यूक्रेन संघर्ष को लेकर संपर्क में हैं और कहा है कि वे इस मुद्दे को सुलझाने के लिए ईमानदारी से प्रयास कर रहे हैं.

जानिए पुतिन ने क्या कहा था?

बताते चले कि, गुरुवार को पुतिन ने कहा कि यूक्रेन पर संभावित शांति वार्ता में चीन, भारत और ब्राजील मध्यस्थ की भूमिका निभा सकते हैं. पुतिन ने कहा कि युद्ध के पहले सप्ताह में इस्तांबुल में वार्ता के दौरान रूसी और यूक्रेनी वार्ताकारों के बीच हुआ एक प्रारंभिक समझौता, जो कभी लागू नहीं हुआ, वार्ता के लिए आधार बन सकता है. उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य यूक्रेन के डोनबास क्षेत्र को कब्जे में लेना है. रूसी सेना धीरे-धीरे कुर्स्क क्षेत्र से यूक्रेनी सेना को खदेड़ रही है.

Latest News

सोना-चांदी के वायदा बाजार में उतार-चढ़ाव, सोना मजबूत तो चांदी में गिरावट; जानें ताजा भाव

सोने और चांदी के वायदा बाजार में आज मिला-जुला रुख देखने को मिला. जहां सोना मजबूती के साथ कारोबार करता नजर आया, वहीं चांदी शुरुआती बढ़त के बाद कमजोरी का शिकार हो गई. घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों से निवेशकों को अलग-अलग संकेत मिले हैं.

More Articles Like This

Exit mobile version