किम जोंग उन ने बेटी संग देखा मिसाइलों का परीक्षण, दे रहे तानाशाही की ट्रेनिंग!

Kim Jong Un : उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन अपनी किशोर बेटी के साथ युद्धपोत से दागी गई रणनीतिक क्रूज मिसाइलों के परीक्षण देखने पहुंचे. बताया जा रहा है कि तानाशाह शासक अपनी बेटी को अपने उत्तराधिकारी के तौर पर ट्रेनिंग देने की शुरुआत कर चुके हैं. मीडिया का भी कहना है कि उत्तर कोरिया ने अमेरिका-दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यास के जवाब में कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी. साथ ही KCNA द्वारा जारी की गई तस्वीरों में दोनों पिता-पुत्री एक कॉन्फ्रेंस रूप में बैठकर एक स्क्रीन पर मिसाइलों की लॉन्चिंग की पूरी कार्रवाई देख रहे थे.

प्राप्‍त जानकारी के अनुसार ये क्रूज मिसाइलें एक साल पुराने नौसेना डिस्ट्रॉयर ‘चोए ह्योन’ से छोड़ी गई थीं. ऐसे में जानकारी देते हुए KCNA ने बताया कि किम जोंग उन ने मंगलवार को वीडियो के जरिए इन मिसाइलों की लॉन्चिंग को देखा. साथ ही उन्‍होंने ये भी कहा कि ‘शक्तिशाली और भरोसेमंद परमाणु युद्ध रोकथाम’ बनाए रखना बहुत जरूरी है. बता दें कि उनकी बेटी दिसंबर 2022 से वह अपने पिता के साथ सैन्य परेड और हथियार परीक्षण जैसे कई बड़े कार्यक्रमों में शामिल होती रही हैं.

परीक्षणों का मकसद रणनीतिक ताकत दिखाना

मीडिया रिपोर्ट के दौरान साउथ कोरिया की खुफिया एजेंसी ने पिछले महीने कहा था कि किम जोंग उन जल्द ही अपनी बेटी को अपना उत्तराधिकारी घोषित करने वाले हैं. बता दें कि मिसाइलें नॉर्थ कोरिया के पश्चिमी तट के पास लक्ष्य वाले द्वीपों पर सटीक निशाना लगाने में कामयाब रहीं. ऐसे में इसे लेकर किम जोंग उन ने कहा कि इन परीक्षणों का मकसद नेवी की रणनीतिक ताकत को दिखाना और सैनिकों को हथियार चलाने का अभ्यास कराना था.

किम यो जोंग ने भी दी थी कड़ी चेतावनी

जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को हुए इन मिसाइल परीक्षणों का समय भी खास है. बताया जा रहा है कि ठीक उसी दिन अमेरिका और दक्षिण कोरिया के वसंतकालीन सैन्य अभ्यास शुरू हुए थे. बता दें कि दोनों देशों के इस अभ्‍यास परीक्षण को उत्तर कोरिया ‘आक्रमण का रिहर्सल’ मानता है. इसी दिन किम जोंग उन की बहन और वरिष्ठ अधिकारी किम यो जोंग ने चेतावनी दी कि ये अभ्यास एक बार फिर अमेरिका और दक्षिण कोरिया की ‘उत्तर कोरिया के प्रति पुरानी और गहरी नफरत’ को सामने लाते हैं.

दोनों देशों के बीच फ्रीडम शील्ड अभ्‍यास

बता दें कि दोनों देशों के बीच ‘फ्रीडम शील्ड’ नाम का यह 11 दिन का अभ्यास सोमवार को शुरू हुआ था और ज्यादातर कंप्यूटर सिमुलेशन पर आधारित कमांड पोस्ट एक्सरसाइज है. साथ ही फील्ड ट्रेनिंग प्रोग्राम भी चल रहा है. उत्तर कोरिया अक्सर इन दोनों देशों के अभ्यासों का जवाब अपने हथियार परीक्षणों से देता है.

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