ईरान ने अमेरिका के प्रस्तावों को किया खारिज, भड़के तेहरान ने दिया कुछ ऐसा जवाब

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Middle East : काफी लंबे समय से मिडिल ईस्ट जंग के बीच ईरान ने अमेरिका के 15-सूत्रीय प्रस्ताव को खारिज कर दिया. बता दें कि ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि तेहरान को दिए गए प्रस्ताव में अधिकतर उन चीजों का जिक्र था, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता. साथ ही उन्‍होंने ये भी कहा कि ‘कुछ मध्यस्थों के जरिए हमें संदेश मिले हैं. इससे यह स्‍पष्‍ट होता है कि अमेरिका बातचीत करने का अनुरोध कर रहा है. मध्यस्थ देश में पाकिस्तान में शामिल है.’

प्राप्‍त जानकारी के अनुसार इस्माइल बगाई ने दोनों War ईरान की प्रतिक्रिया तब आई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया और कहा कि तेहरान ने वाशिंगटन के 15 सूत्रीय प्रस्ताव के अधिकांश बिंदुओं को स्वीकार कर लिया है. इस मामले को लेकर उनका कहना है कि ‘हम अभी बातचीत कर रहे हैं और अगर हम कुछ कर सकें तो यह बहुत अच्छा होगा लेकिन उन्हें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलना होगा.’

शर्तों पर सहमत हो गया ईरान- ट्रंप

ऐसे में मीडया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने एक इंटरव्‍यू में कहा कि ईरान जंग को समाप्त करने के लिए तय शर्तों पर काफी हद तक सहमत हो गया है. जानकारी देते हुए उन्‍होंने बताया कि यह प्रस्ताव दोनों पक्षों के बीच अप्रत्यक्ष रूप से पाकिस्तान के माध्यम से पहुंचाया गया था. साथ ही उन्‍होंने ये भी कहा कि ‘हमने अधिकांश मुद्दे सौंप दिए. जैसे-जैसे बातचीत आगे बढ़ेगी, संयुक्त राज्य अमेरिका कुछ अन्य मुद्दों पर भी जोर दे सकता है.’

पश्चिम एशिया में अस्थिरता पैदा करता है ईरान- ट्रंप

बता दें कि ट्रंप ने ईरान को पश्चिम एशिया में लंबे समय से अस्थिरता पैदा करने वाली ताकत बताया और कहा कि अमेरिकी सैन्य अभियान ‘एपिक फ्यूरी’ के कारण उसकी स्थिति कमजोर हो गई है. वर्तमान में हालात को लेकर उनका मानना है कि ‘47 साल से ईरान को पश्चिम एशिया का दबंग माना जाता रहा, लेकिन अब वह दबंग नहीं रहा. वह भाग रहा है.’ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान का तेल लेना चाहते हैं और देश के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप पर कब्जा कर सकते हैं.

ट्रंप ने की घोषणा

ऐसे में ट्रंप का कहना है कि ‘सच कहूं तो मेरी पसंदीदा चीज ईरान का तेल लेना है.’ साथ ही उन्होंने इसकी तुलना वेनेजुएला से की, जहां वाशिंगटन जनवरी में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हटाने के बाद कथित तौर पर तेल उद्योग पर लंबे समय तक नियंत्रण रखना चाहता है. मीडिया के मुताबिक, पेंटागन इस क्षेत्र में 10,000 तक अतिरिक्त सैनिक तैनात कर रहा है और ये भी घोषणा की कि 2,500 मरीन सहित 3,500 से ज्यादा सैनिक मध्य पूर्व पहुंच चुके हैं.

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