Mojtaba Khamenei: 28 फरवरी 2026 को शुरू हुई जंग के पहले ही दिन ही अमेरिकी हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की जान चली गई, जिसके बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को सुप्रीम लीडर की गद्दी पर बिठाया गया, लेकिन अभी तक उन्हें दुनिया की नजरों से दूर रखा गया है. इसी बीच इजराइली मीडिया ने चौंकाने वाला दावा किया है. उनका कहना है कि मोजतबा की हालत बुरी तरह बिगड़ गई है, उन्हें आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया. ऐसे में उनके निधन की खबर कभी भी आ सकती है.
मोजतबा खामेनेई की स्थिति ‘बेहद गंभीर’
इजरायली मीडिया ने अंदरूनी सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि मोजतबा खामेनेई की स्थिति ‘बेहद गंभीर’ है. यहां तक की रिपोर्ट में इरानी स्वतंत्र मीडिया प्लेटफॉर्म ‘इरानवायर’ का भी हवाला दिया गया है, जिसने इरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के प्रशासन से जुड़े करीबी सूत्रों के हवाले से बड़ा दावा किया था. इरानवायर की रिपोर्ट के मुताबिक, पेजेशकियान प्रशासन से जुड़े दो बड़े सूत्रों ने खुलासा किया है. उनका कहना है कि 28 फरवरी को सुप्रीम लीडर के परिसर पर हुए अमेरिकी हमले के बाद से मोजतबा खामेनेई ने अपने मंत्रिमंडल के किसी भी सदस्य से सीधे मुलाकात नहीं की है.
दुनिया से छुपा कर रखे गए मोजतबा खामेनेई
बता दें कि ईरान के सुप्रीम लीडर का पद संभालने के बाद से मोजतबा खामेनेई एक बार भी दिखाई नहीं दिए हैं. उन्हें लंबे समय से दुनिया की नजरों से छुपाकर रखा गया था. ऐसे में कई तरह की अटकलें लगाई गईं. मीडिया रिपोर्ट्स में उनके पैर बेकार होने से लेकर बिस्तर पकड़ने जैसी कई अफवाहें फैलीं. यहां तक की मोजतबा, अपने पिता अयातुल्ला खामेनेई के जनाज-ए-नमाज तक में शामिल नहीं हुए. हालांकि ईरान की सरकार बार-बार सफाई देती रही कि मोजतबा स्वस्थ और सुरक्षित हैं, उन्हें बस सिक्योरिटी कारणों से बाहर आने नहीं दिया जा रहा है.
वेस्टर्न मीडिया और ईरान के विपक्षी इंटेलिजेंस सूत्रों का बार-बार दावा रहा है कि 28 फरवरी के एयरस्ट्राइक में मोजतबा खामेनेई खुद भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे. यहां तक कि कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि हमले में उन्हें जानलेवा चोटें आई थीं, जिसकी वजह से उनका चेहरा या शरीर का बड़ा हिस्सा प्रभावित हुआ है.