‘अल्लाह के नाम पर…’, सुप्रीम लीडर बनाए जाने के बाद खामेनेई के बेटे का जंग पर बड़ा बयान

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Mojtaba Khamenei Statement : ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्‍ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को देश का नया सुप्रीम लीडर चुना गया है. बता दें कि ईरान की शक्तिशाली संस्था असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने मोजतबा के नाम को मंजूरी दे दी है. ईरानी मीडिया ने इसकी जानकारी दी है.

मीडिया रिपोर्ट का कहना है कि मोजतबा खामेनेई के चयन में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का बड़ा प्रभाव रहा. बताया जा रहा है कि IRGC के दबाव में असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने यह फैसला लिया. इसके साथ ही मोजतबा के पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत उस समय हुई, ऐसे में जब अमेरिका और इजरायल ने तेहरान पर संयुक्त हमला किया. बता दें कि यह हमला शनिवार को हुआ था और उसी दिन खामेनेई की मौत की खबर सामने आई थी.

ईरान के बहादुर लोगों को सलाम- मोजतबा खामेनेई

ऐसे में सुप्रीम लीडर चुने जाने के बाद मोजतबा खामेनेई ने बयान दिया और कहा कि अल्लाह के नाम पर ईरान के बहादुर लोगों को सलाम है,  जो कि कठिन समय में भी मजबूत हैं. उन्‍होंने कहा कि हम अपने शहीदों के रास्ते पर चलेंगे और उनका सम्मान करेंगे. इसके साथ ही हम स्वतंत्रता और गरिमा के लिए काम करने का वादा करते हैं. बता दें कि ईरान की इस्लामिक क्रांति के बाद यह दूसरी बार है, जब असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने नया सुप्रीम लीडर चुना है.

मोजतबा खामेनेई का परिचय

प्राप्‍त जानकारी के अनुसार मोजतबा खामेनेई का जन्म 1969 में ईरान में हुआ था. वे अयातुल्ला अली खामेनेई के दूसरे बेटे हैं. ईरान की धार्मिक और राजनीतिक व्यवस्था में लंबे समय से प्रभावशाली रहा है. बता दें कि उनके पिता 1989 से ईरान के सुप्रीम लीडर रहे, जो देश का सबसे शक्तिशाली पद माना जाता है. यही कारण है कि मोजतबा खामेनेई का नाम भी अक्सर ईरान की सत्ता और राजनीति से जुड़कर सामने आता रहा है.

शिया धर्म की पढ़ाई का प्रमुख केंद्र

इसके साथ ही मोजतबा खामेनेई ने भी अपने पिता की तरह धार्मिक शिक्षा प्राप्त की. इतना ही नही बल्कि उन्होंने ईरान के कोम शहर में इस्लामी पढ़ाई की है, जो शिया धर्म की पढ़ाई का प्रमुख केंद्र माना जाता है. जानकारी के मुताबिक, धार्मिक शिक्षा के कारण उनका संबंध कई प्रमुख धार्मिक विद्वानों और संस्थाओं से भी जुड़ा रहा है.

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